Renewable Energy: रिन्यूएबल एनर्जी क्या होती है? सौर ऊर्जा से अलग यह कितने प्रकार की होती है?
अक्षय ऊर्जा वह ऊर्जा है जो प्राकृतिक प्रक्रियाओं से उत्पन्न होती है. जब वैकल्पिक ऊर्जा का जिक्र होता तो इसका मतलब वहां पर भी रिन्यूएबल एनर्जी की बात हो रही होती है. वैकल्पिक ऊर्जा उस ऊर्जा स्रोत के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है, जिसे जीवाश्म ईंधन की जगह इस्तेमाल किया जाता है. आज की इस खबर में पांच वैकल्पिक या नवीनीकृत ऊर्जा स्त्रोतों के बारे में जानेंगे.
सौर ऊर्जा : सूर्य का प्रकाश हमारे ग्रह पर सबसे प्रचुर और मुक्त रूप से उपलब्ध ऊर्जा संसाधनों में से एक है. एक घंटे में पृथ्वी की सतह तक पहुंचने वाली सौर ऊर्जा की मात्रा पूरे वर्ष के ग्रह की कुल ऊर्जा की मांग से भी अधिक होती है. यह बात सुनने में तो बहुत मजेदार है, लेकिन हम इस सम्पूर्ण सौर ऊर्जा का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं. क्योंकि यह दिन के समय और वर्ष के मौसम के साथ-साथ भौगोलिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग होती है.
पवन ऊर्जा : हवा पृथ्वी पर स्वच्छ ऊर्जा का प्रचुर स्रोत है. हवा की ऊर्जा से टरबाइन के ब्लेड को घुमाया जाता है और उससे बिजली पैदा करने के लिए एक विद्युत जनरेटर से जोड़कर ऊर्जा प्राप्त की जाती है.
जलीय या पनबिजली ऊर्जा : बड़े जलाशयों पर बांध बनाकर पानी के नियंत्रित प्रवाह को टरबाइन पर गिराया जाता है और उससे बिजली पैदा की जाती है. यह ऊर्जा स्रोत सौर या पवन ऊर्जा स्त्रोत की तुलना में अधिक विश्वसनीय होता है.
ज्वारीय ऊर्जा : यह एक प्रकार से पनबिजली का ही दूसरा रूप है. इसमें टरबाइन जनरेटर को चलाने के लिए ज्वारीय धाराओं का इस्तेमाल किया जाता है.
भूतापीय ऊर्जा : ग्रह के केंद्र में चट्टानों में रेडियोधर्मी कणों के धीमी गति से क्षय होने के कारण पृथ्वी का कोर सूरज की ही तरह गर्म है. पृथ्वी की सतह के नीचे की इसी प्राकृतिक गर्मी का इस्तेमाल करके भूतापीय ऊर्जा से बिजली उत्पन्न की जाती है.
बायोमास ऊर्जा : बायोमास कार्बनिक पदार्थ होते हैं जो पौधों और जानवरों फसलें, बेकार लकड़ी और पेड़ आदि के सड़ने से प्राप्त होते हैं. बायोमास को जलाने पर रासायनिक ऊर्जा ऊष्मा के रूप में निकलती है, जिससे भाप टरबाइन की मदद से बिजली पैदा की जाती है.