Good Friday: गुड फ्राइडे में 'गुड' क्या है? जब इसी दिन यीशू को सूली पर गया था चढ़ाया
गुड फ्राइडे में गुड शब्द पुरानी अंग्रेजी से आया है. इसका मतलब होता है पवित्र या फिर धार्मिक. दुनिया के कई हिस्सों में इसे पवित्र शुक्रवार (Holy Friday) या फिर महान शुक्रवार (Great Friday) भी कहा जाता है.
ईसाई शिक्षाओं के मुताबिक ईसा मसीह ने इसी दिन मानवता के पापों के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया था. इस काम को मुक्ति और क्षमा के मार्ग खोलने वाला माना जाता है. यह इस दिन को इसके दुखद स्वरूप के बजाय आध्यात्मिक रूप से ज्यादा महत्वपूर्ण बनाता है.
गुड फ्राइडे ईश्वर के प्रति प्रेम और सेवा के विचार को दर्शाता है. ईसा मसीह के कष्टों को ईश्वर की उस इच्छा की परछाई के रूप में देखा जाता है जिसमें वह मानवता के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने को तैयार थे. इस तरह पीड़ा और दुख का वह पल आस्था के संदेश में बदल जाता है.
गुड फ्राइडे का महत्व ईस्टर से गहराई से जुड़ा हुआ है. सूली पर चढ़ाए जाने के तीन दिन बाद ईसाई मानते हैं कि ईसा मसीह दोबारा से जीवित हो उठे थे. यह आशा और बुराई पर विजय का प्रतीक है.
यह दिन गंभीर और पवित्र परंपराओं के साथ मनाया जाता है. चर्चों में सन्नाटा पसरा रहता है, घंटियां नहीं बजाई जाती और दोपहर 12:00 से 3:00 के बीच खास प्रार्थनाएं आयोजित की जाती हैं.
भारत में गोवा और केरल जैसे राज्यों में जुलूस निकाले जाते हैं जिन्हें 'वे ऑफ द क्रॉस' के नाम से जाना जाता है. इन जुलूस में ईसा मसीह की अंतिम यात्रा का मंचन किया जाता है.