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पानी का भी होता है एक रंग... इसे रंगहीन ना समझें

एबीपी लाइव   |  15 Dec 2023 10:29 PM (IST)
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साल 1972 में एक फिल्म आई थी नाम था शोर. शोर फिल्म में एक गीत था गीत के बोल थे 'पानी रे पानी तेरा रंग कैसा'. इसके बाद साल 2014 में एक फिल्म आई यारियां उसमें एक गीत था जिसके बल थे आज ब्लू है पानी पानी. कभी आपके मन में भी सवाल आता होगा कि पानी का रंग क्या है? दिखने में तो पानी का कोई रंग नहीं है पारदर्शी है. लेकिन क्या वाकई में पानी का कोई रंग नहीं है.

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दरअसल अपनी वाकई में ब्लू होता है शुद्ध पानी जो होता है उसे देखने पर साफ पता चलता है कि उसका रंग हल्का नीला सा है.लेकिन हल्की सी मिलावट के कारण पानी का रंग थोड़ा सा बदलता हुआ दिखाई देता है.

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अपने अक्सर सुना होगा क्रिस्टल क्लियर वॉटर है एकदम. लेकिन आपको बता दें ऐसा कोई वाटर नहीं होता. पानी में कोई ना कोई सब्सटेंस होते ही हैं. बिना मिनरल्स के पानी बेस्वाद लगता है। लोग जिसे शुद्ध पानी समझते हैं. दरअसल इसे आयनाइज्ड वॉटर कहते हैं।

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पानी के अंदर कई मिनरल्स भी होते हैं लेकिन आमतौर पर हमें वह दिखाई नहीं देते. पर जब हम किसी तांबे के बर्तन में रखे हुए पानी को पीते हैं तब हमें उसके स्वाद में उसका एहसास होता है. नॉर्मल बर्तन में रखे हुए पानी को पीने के बाद ये महसूस नहीं होता.

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अक्सर देखने को मिला है पानी पर जब धूप की किरणें पड़ती हैं तब हल्का सा नीला लगता है. लेकिन वह धूप की किरणों से नीला नहीं होता बल्कि पानी में मौजूद मॉलेक्युलिस के रिएक्शन से होता है।इसलिये वह नीला लगता है.

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पानी में रंग दो तरीके से खुलता है एक उसमें वह पूरी तरह समाहित हो जाता है दूसरा वह उसमें रहता है और उसे बाहर निकाला जा सकता है. जैसे किसी नदी का पानी में वहां के पेड़ पौधों के बचे हुए हिस्सों के मिलने से उसका रंग बदल जाता है. लेकिन फ़िल्टर करने पर पानी पहले की तरह साफ़ हो जाता है. लेकिन चाय की पत्ती को पानी में घुलने के बाद अलग नहीं किया जा सकता.

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