Red Gold Spice: इस मसाले को कहा जाता है लाल सोना, जानें किस देश में होता है इसका सबसे ज्यादा उत्पादन

Red Gold Spice: दुनिया में एक ऐसा मसाला है जिसकी कीमत की तुलना कीमती धातुओं से की जाती है. इसके धागों को एक-एक करके गिना जाता है. आपको बता दें कि इस मसाले को रेड गोल्ड के नाम से भी पहचाना जाता है. हम बात कर रहे हैं केसर की. आइए जानते हैं इसके बारे में और जानकारी.
केसर को इसकी ज्यादा कीमत और दुर्लभता की वजह से रेड गोल्ड कहा जाता है. इसकी कीमत ₹300000 प्रति किलोग्राम तक हो जाती है. वजन के हिसाब से यह कई कीमती धातुओं से ज्यादा कीमती हो जाता है.
केसर का सबसे ज्यादा उत्पादन ईरान में होता है. दुनिया का लगभग 90% केसर अकेले ईरान में ही उत्पादित होता है. आपको बता दें कि खुरासान प्रांत को केसर की खेती का दिल माना जाता है.
केसर के उत्पादन में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है. भारतीय केसर मुख्य रूप से जम्मू और कश्मीर के पंपोर इलाके में उगाया जाता है. कश्मीरी केसर अपने गहरे रंग और तेज खुशबू के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है.
ईरान और भारत के बाद कई दूसरे देश वैश्विक केसर आपूर्ति में छोटा लेकिन जरूरी योगदान देते हैं. इनमें अफगानिस्तान, स्पेन, ग्रीस और मोरक्को शामिल हैं. स्पेन कम उत्पादन करने के बावजूद भी वैश्विक केसर ब्रांडिंग और निर्यात में एक बड़ी भूमिका निभाता है.
केसर की खेती में काफी ज्यादा मेहनत लगती है. हर फूल को हाथ से तोड़ना पड़ता है. यह प्रक्रिया आमतौर पर सूरज उगने से पहले शुरू हो जाती है. इसमें स्टिग्मा को मैन्युअल रूप से अलग किया जाता है. सिर्फ 1 किलोग्राम केसर का उत्पादन करने के लिए लगभग डेढ़ लाख फूलों की जरूरत होती है. कोई भी मशीन इस काम को नहीं कर सकती जिस वजह से यह उत्पादन धीमा होता है और लागत भी ज्यादा होती है.
केसर का पौधा क्रोकस सैटिवस साल में सिर्फ एक बार और कुछ हफ्तों के काफी कम समय के लिए खिलता है. मौसम में कोई भी गड़बड़ी फसल को बर्बाद कर सकती है. यही वजह है कि केसर इतना ज्यादा दुर्लभ और महंगा है.