✕
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
  • बिहार
  • दिल्ली NCR
  • महाराष्ट्र
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • झारखंड
  • गुजरात
  • छत्तीसगढ़
  • हिमाचल प्रदेश
  • जम्मू और कश्मीर
  • बॉलीवुड
  • ओटीटी
  • टेलीविजन
  • तमिल सिनेमा
  • भोजपुरी सिनेमा
  • मूवी रिव्यू
  • रीजनल सिनेमा
  • क्रिकेट
  • आईपीएल
  • कबड्डी
  • हॉकी
  • WWE
  • ओलिंपिक
  • धर्म
  • राशिफल
  • अंक ज्योतिष
  • वास्तु शास्त्र
  • ग्रह गोचर
  • एस्ट्रो स्पेशल
  • बिजनेस
  • हेल्थ
  • रिलेशनशिप
  • ट्रैवल
  • फ़ूड
  • पैरेंटिंग
  • फैशन
  • होम टिप्स
  • GK
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो

बिहार के इस नाऊ ने दिया था दुनिया को बालों के लिए 'शैंपू' का आइडिया, ये कहानी नहीं जानते होंगे आप

निधि पाल   |  03 Nov 2025 12:29 PM (IST)
बिहार के इस नाऊ ने दिया था दुनिया को बालों के लिए 'शैंपू' का आइडिया, ये कहानी नहीं जानते होंगे आप

सोचिए, अगर मैं कहूं कि जिस शैंपू से आज दुनिया अपने बाल धोती है, उसका जन्म बिहार में हुआ था, तो शायद पहले आपको यकीन न हो. लेकिन यह कोई मिथक नहीं, बल्कि इतिहास का दर्ज रिकॉर्ड है. कहानी है शेख दीन मोहम्मद की, जो पटना के एक नाई परिवार में पैदा हुए थे. उन्होंने न सिर्फ बालों की देखभाल का देसी नुस्खा खोजा, बल्कि उसे यूरोप तक पहुंचाया. ‘चंपी’ यानी सिर की मालिश को उन्होंने एक ऐसी कला बना दिया, जो आगे चलकर आधुनिक ‘शैंपू’ में तब्दील हो गई. यही वजह है कि आज दुनिया जिस शब्द का इस्तेमाल रोज करती है, उसकी जड़ें बिहार जुड़ी हैं.

1

साल था 1759, भारत अंग्रेजी हुकूमत के दौर से गुजर रहा था. पटना के एक साधारण नाई परिवार में एक बच्चे का जन्म हुआ था, जिसका नाम था शेख दीन मोहम्मद. बचपन से ही उन्हें बालों की मालिश और देखभाल का शौक था.

2

वह अक्सर अपने पिता को ग्राहकों के बालों की चंपी करते देखते और सोचते कि क्या सिर्फ तेल से ही बालों की देखभाल पूरी हो जाती है? इसी सवाल ने उन्हें आगे चलकर एक ऐसी खोज करने के लिए प्रेरित किया, जिसने पूरी दुनिया के बालों की कहानी बदल दी.

3

युवा होने पर उन्होंने जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक तत्वों के साथ प्रयोग शुरू किए. उन्होंने देखा कि भारतीय परंपराओं में नीम, रीठा, शिकाकाई, तुलसी और कई अन्य औषधीय पौधे बालों के लिए बेहद फायदेमंद हैं. धीरे-धीरे उन्होंने इन्हीं सामग्रियों से एक विशेष हर्बल मिश्रण तैयार किया.

4

जब इस मिश्रण को सिर पर लगाया गया और गर्म पानी से धोया गया, तो बाल पहले से कहीं ज्यादा मुलायम और चमकदार नजर आए. यही आधुनिक ‘शैंपू’ का शुरुआती रूप था.

5

शेख दीन मोहम्मद ने सिर्फ प्रयोग नहीं किया, बल्कि उसे विज्ञान और व्यवसाय में भी बदला. 1780 के दशक में वह ब्रिटिश आर्मी ऑफिसर कैप्टन बेकर के साथ इंग्लैंड चले गए. वहां उन्होंने लोगों को भारतीय चंपी तकनीक से परिचित कराया.

6

उन्होंने बताया कि कैसे भारतीय पारंपरिक सिर की मालिश और जड़ी-बूटियों का मेल शरीर और दिमाग, दोनों के लिए फायदेमंद है. इंग्लैंड में इस चंपी तकनीक को लोगों ने हाथों-हाथ लिया. धीरे-धीरे उन्होंने इसे नया नाम दिया, शैंपू बाथ.

7

इसके बाद शेख दीन मोहम्मद ने ब्राइटन में 1814 में एक स्पा सेंटर खोला, जहां वे इंडियन मेडिकेटेड वेपोर बाथ देते थे. यह उस समय के यूरोप में बेहद चर्चित हुआ. इंग्लैंड की महारानी तक उनके क्लाइंट्स में शामिल थीं. उन्होंने भारतीय हर्बल फॉर्मूला और मसाज तकनीक को यूरोप में फैला दिया.

  • हिंदी न्यूज़
  • फोटो गैलरी
  • जनरल नॉलेज
  • बिहार के इस नाऊ ने दिया था दुनिया को बालों के लिए 'शैंपू' का आइडिया, ये कहानी नहीं जानते होंगे आप
About us | Advertisement| Privacy policy
© Copyright@2026.ABP Network Private Limited. All rights reserved.