Earth Oxygen: पृथ्वी पर पेड़ों से नहीं बल्कि इस चीज से मिलती है सबसे ज्यादा ऑक्सीजन, जानें क्या कहता है साइंस
वैज्ञानिक अनुमानों से ऐसा पता चलता है कि महासागर धरती की 50 से 80% ऑक्सीजन पैदा करते हैं. यह सभी जंगलों के कुल योगदान से काफी ज्यादा हैं. भले ही महासागर नंगी आंखों से खाली दिखते हैं लेकिन वह जैविक रूप से ग्रह पर सबसे सक्रिय प्रणालियों में से एक है.
फाइटोप्लांकटन नाम के माइक्रोस्कोपिक जीव समुद्र की सतह के पास तैरते रहते हैं. यह जीव जमीन पर पौधों की तरह फोटोसिंथेसिस करते हैं. अपनी छोटे आकार के बावजूद उनकी भारी संख्या उन्हें धरती पर ऑक्सीजन का सबसे बड़ा स्रोत बनाती है.
फाइटोप्लांकटन के साथ समुद्री शैवाल और साइनोबैक्टीरिया भारी मात्रा में ऑक्सीजन का योगदान करते हैं. असल में साइनोबैक्टीरिया ही अरबों साल पहले धरती के वायुमंडल को ऑक्सीजन से भरने के लिए जिम्मेदार थे.
अमेजॉन रेनफॉरेस्ट ऑक्सीजन पैदा करता है लेकिन यह सांस लेने, सड़ने और जानवरों के जीवन के जरिए लगभग उतनी ही मात्रा में ऑक्सीजन इस्तेमाल भी कर लेता है. इसका मतलब है कि इसका शुद्ध ऑक्सीजन योगदान काफी कम है.
महासागरों में पैदा होने वाली ऑक्सीजन का एक बड़ा हिस्सा ऊपरी वायुमंडल में चला जाता है और उस हवा का हिस्सा बन जाता है जिसमें हम सांस लेते हैं.
बढ़ता समुद्री तापमान, प्रदूषण और एसिडिफिकेशन फाइटोप्लांकटन की आबादी को खतरा पहुंचते हैं. अगर यह माइक्रोस्कोपिक जीव कम हो जाते हैं तो वैश्विक ऑक्सीजन का स्तर काफी ज्यादा प्रभावित हो सकता है.