✕
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
  • बिहार
  • दिल्ली NCR
  • महाराष्ट्र
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • झारखंड
  • गुजरात
  • छत्तीसगढ़
  • हिमाचल प्रदेश
  • जम्मू और कश्मीर
  • इलेक्शन
  • बॉलीवुड
  • ओटीटी
  • टेलीविजन
  • तमिल सिनेमा
  • भोजपुरी सिनेमा
  • मूवी रिव्यू
  • रीजनल सिनेमा
  • क्रिकेट
  • आईपीएल
  • कबड्डी
  • हॉकी
  • WWE
  • ओलिंपिक
  • धर्म
  • राशिफल
  • अंक ज्योतिष
  • वास्तु शास्त्र
  • ग्रह गोचर
  • एस्ट्रो स्पेशल
  • बिजनेस
  • हेल्थ
  • रिलेशनशिप
  • ट्रैवल
  • फ़ूड
  • पैरेंटिंग
  • फैशन
  • होम टिप्स
  • GK
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा

Army Secrets: सेना से रिटायर होने के बाद भी कौन-सी बातें नहीं बता सकते जवान? ताउम्र रखना पड़ता है राज

स्पर्श गोयल   |  07 Feb 2026 02:27 PM (IST)
1

रिटायर्ड सैनिकों को मिलिट्री ऑपरेशंस की प्लानिंग, उसे लागू करने के तरीके, सैनिकों की आवाजाही या फिर टैक्टिकल फैसलों का खुलासा करने की इजाजत कभी भी नहीं होती है. दशकों पुराने मिशन जैसे कि आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन, सर्जिकल स्ट्राइक या फिर बॉर्डर पर की गई कोई भी कार्यवाही क्लासिफाइड रहती है. ऐसा इसलिए क्योंकि इस तरह की जानकारी दुश्मन ताकतों के लिए उपयोगी पैटर्न बता सकती है.

Continues below advertisement
2

कोई भी डॉक्यूमेंट जिसे कॉन्फिडेंशियल, सीक्रेट या फिर टॉप सीक्रेट मार्क किया गया हो उसे जिंदगी भर गुप्त रखना होता है. ऐसी सामग्री का छोटा सा हिस्सा भी शेयर करने से भारत की रक्षा स्थिति में कमजोरियां सामने आ सकती हैं.

Continues below advertisement
3

सैनिक हथियार, मिसाइल, रडार, ड्रोन या फिर कम्युनिकेशन सिस्टम की असली क्षमता, सीमा या फिर ऑपरेशनल रहस्य का खुलासा नहीं कर सकते. सटीक रेंज, सटीकता, तैनाती के तरीके या फिर कमजोरी के बारे में सार्वजनिक जानकारी विरोधी ताकतों को जवाबी कार्रवाई करने में मदद कर सकती हैं.

4

इंटेलिजेंस एजेंसी, मुखबिर, निगरानी तकनीक, कोड सिस्टम या मिलिट्री इंटेलिजेंस जैसी एजेंसियों के साथ तालमेल से जुड़ी जानकारी सबसे ज्यादा सुरक्षित रहस्यों में से एक है. ऐसी डिटेल्स का खुलासा करने से जान को खतरा हो सकता है.

5

रिटायर्ड कर्मियों को विदेशी सेनाओं के साथ क्लासिफाइड बातचीत, संयुक्त ऑपरेशन, गुप्त समझौते या फिर रक्षा से जुड़ी राजनीतिक बातचीत पर चर्चा करने से मना किया जाता है.

6

हाई कमांड के अंदर पर्दे के पीछे की चर्चाएं जैसे कि खतरे का आकलन, अंदरूनी मतभेद, तैयारी की रिपोर्ट या फिर संकट के समय में फैसले का खुलासा नहीं किया जा सकता.

  • हिंदी न्यूज़
  • फोटो गैलरी
  • जनरल नॉलेज
  • Army Secrets: सेना से रिटायर होने के बाद भी कौन-सी बातें नहीं बता सकते जवान? ताउम्र रखना पड़ता है राज
Continues below advertisement
About us | Advertisement| Privacy policy
© Copyright@2026.ABP Network Private Limited. All rights reserved.