Sunlight On Demand: अब कभी नहीं होगा अंधेरा...इस कंपनी के धांसू प्लान से रात में भी मिलेगी सूरज की रोशनी?
Reflect Orbital अगले साल यानी 2026 में Earendil-1 नामक 18 मीटर लंबा टेस्ट सैटेलाइट लॉन्च करने वाली है. यह प्रोजेक्ट 2030 तक 4000 सैटेलाइट्स के नेटवर्क में बदल जाएगा.
हर सैटेलाइट के पास 54 मीटर चौड़ा मिरर होगा, जो सूरज की रोशनी को किसी भी हिस्से पर फोकस कर सकेगा. कंपनी कहती है कि रोशनी की तीव्रता सिर्फ दोपहर की धूप का 20 प्रतिशत होगी, ताकि सोलर पैनल सक्रिय रहें, लेकिन अंधेरा पूरी तरह न मिटे.
सिस्टम का काम सरल लगता है, जैसे आप अपनी घड़ी या शीशे से धूप की रोशनी को दीवार पर फेंकते हैं, वैसे ही सैटेलाइट्स अंतरिक्ष से धरती पर धूप डालेंगे. फर्क इतना है कि यह 625 किलोमीटर की ऊंचाई से किया जाएगा.
वैज्ञानिकों का कहना है कि इतनी दूरी पर रोशनी का बंडल लगभग 7 किलोमीटर चौड़ा होगा, यानी रोशनी तेज नहीं, बल्कि फैली और डिम होगी. एक सैटेलाइट की रोशनी दोपहर के सूरज से 15,000 गुना कम होगी, लेकिन यह सामान्य चांदनी से अधिक चमकदार होगी.
पिछले साल कंपनी के फाउंडर बेन नोवैक ने 2.5 मीटर चौड़े मिरर को हॉट एयर बैलून पर लगाया और नीचे लगे सोलर पैनल पर धूप फोकस किया. इस टेस्ट में 516 वॉट प्रति वर्ग मीटर की रोशनी मापी गई, जो दोपहर के सूरज की ताकत का करीब आधा है. यह साबित करती है कि तकनीक काम करती है.
लेकिन अंतरिक्ष में चुनौती अलग है. 625 किलोमीटर ऊपर से एक जगह रोशनी फोकस करने के लिए मिरर को 6.5 किलोमीटर लंबा बनाना पड़ेगा, जो व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है. कंपनी का कहना है कि सिर्फ 20 प्रतिशत धूप देने के लिए 54 मीटर चौड़े सैटेलाइट से लगभग 3,000 सैटेलाइट्स की जरूरत होगी, और यह केवल कुछ मिनटों के लिए.
क्योंकि इतनी ऊंचाई पर घूमते सैटेलाइट सिर्फ 3.5 मिनट तक किसी एक जगह पर रह सकते हैं. भविष्य में यदि एक घंटे तक रोशनी चाहिए, तो हजारों और सैटेलाइट्स लगाना पड़ेंगे.