युद्ध के दौरान पाकिस्तान में कौन दबा सकता है परमाणु मिसाइल वाला बटन? जानें कौन लेता है आखिरी फैसला

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बड़ा आतंकी हमला होने के बाद अब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. कई लोगों का कहना है कि भारत इस हमले के जवाब में पाकिस्तान पर हमला बोल सकता है.
भारत के तीखे तेवर और जवाबी कार्रवाई की खबरों के चलते पाकिस्तान भी दहशत में है और वहां के कई नेता अब परमाणु हथियारों के दम पर बयानबाजी कर रहे हैं.
परमाणु हथियारों के मामले में पाकिस्तान, भारत से कुछ हद तक आगे है. संख्या की बात करें तो पाकिस्तान के पास करीब 170 परमाणु बमों का जखीरा है, वहीं भारत के पास ये संख्या 160 के करीब है.
परमाणु हथियारों की इस बहस के बीच एक चीज लगातार सोशल मीडिया पर पूछी जा रही है कि पाकिस्तान में परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की पावर किसके हाथों में है?
दरअसल पाकिस्तान में सेना नहीं बल्कि चुने हुए प्रधानमंत्री और देश के राष्ट्रपति के हाथों में परमाणु हथियारों का एक्सेस होता है. यानी इनकी इजाजत के बिना परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.
पाकिस्तान में सेना का भी दबदबा काफी ज्यादा है, ऐसे में माना जाता है कि परमाणु हमले जैसी स्थिति में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख ही आखिरी फैसला लेते हैं. हालांकि सभी का इस पर सहमत होना जरूरी है.
पाकिस्तान ने किसी एक जगह परमाणु हथियार नहीं रखे हैं, रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान ने करीब 9 ठिकानों पर परमाणु हथियार छिपाए हैं. इसमें तमाम बड़े मिलिट्री बेस भी शामिल हैं.