Citizenship Rules: इन देशों की नागरिकता मिलना सबसे ज्यादा मुश्किल, बना रखें हैं कड़े नियम
वेटिकन सिटी को दुनिया में नागरिक बनने के लिए सबसे मुश्किल जगह माना जाता है. आपको बता दें कि यहां की नागरिकता स्थायी नहीं होती और यह सिर्फ खास लोगों को ही दी जाती है. इन खास लोगों में कार्डिनल, पादरी या होली सी में काम करने वाले अधिकारी शामिल हैं. जैसे ही उनका आधिकारिक पद खत्म होता है वेटिकन की नागरिकता अपने आप ही रद्द हो जाती है.
उत्तर कोरिया दुनिया के सबसे अलग थलग देशों में से एक है. विदेशियों के लिए यहां की नागरिकता पाना लगभग नामुमकिन है. राज्य में कोई पारदर्शी नेचुरलाइजेशन प्रक्रिया नहीं है. इसी के साथ नागरिकता पर सिर्फ असाधारण राजनीतिक या फिर सैन्य परिस्थितियों में ही विचार किया जा सकता है.
कतर में रेजिडेंसी के लिए एक लंबा इंतजार करना पड़ता है. देश में कम से कम 25 साल तक कानूनी रूप से रहना होगा, अरबी में अच्छी पकड़ दिखानी होगी और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने का सबूत देना होगा. सभी शर्तों को पूरा करने के बाद भी नागरिकता अपने आप ही नहीं मिलती. यह पूरी तरह से सरकार के विवेक पर निर्भर करता है.
सऊदी अरब सिर्फ काफी सख्त शर्तों के तहत ही नागरिकता देता है. इस देश की नागरिकता को पाने के लिए यहां 10 साल रहना होगा, अरबी में अच्छी पकड़ बनानी होगी और साथ ही मजबूत सांस्कृतिक जुड़ाव दिखाना होगा. असल में इस्लाम का पालन एक निर्णायक वजह है और मंजरी दुर्लभ होती है.
कुवैत में भी काफी सख्त कानून है. गैर मुस्लिम आमतौर पर नागरिकता के लिए योग्य नहीं होते. मुसलमानों को भी आवेदन करने से पहले 20 साल यहां रहना पड़ता है. लंबे समय तक रहने के बावजूद भी ज्यादातर आवेदन खारिज कर दिए जाते हैं.
स्विट्जरलैंड की नागरिकता पाने की प्रक्रिया विचारधारा की वजह से नहीं बल्कि गहरे स्थानीय स्तर की जांच पड़ताल की वजह से मुश्किल है. यहां की नागरिकता पाने के लिए कम से कम 10 साल तक यहां रहना होता है. इसी के साथ स्विस समाज में पूरी तरह से घुलना मिलना होता है और भाषा, संस्कृति और नागरिकता के टेस्ट पास करने होते हैं.