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धरती की इस जगह के मालिक हैं 50 से ज्यादा देश, वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप

एबीपी लाइव   |  10 Jun 2025 10:10 AM (IST)
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अंटार्कटिका महाद्वीप में 50 से ज्यादा देशों के रिसर्च सेंटर्स हैं. अंटार्कटिका संधि पर हस्ताक्षर करने वाले 55 से ज्यादा देश हैं, जो कि इस महाद्वीप पर रिसर्च को बढ़ावा देते हैं.

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दुनिया के 55 से ज्यादा देशों ने यहां पर स्थायी रूप से रिसर्च सेंटर्स स्थापित किए हैं, जिनमें से कुछ सबसे बड़े रिसर्च सेंटर्स अमेरिका के भी हैं.

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अंटार्कटिका संधि की मानें तो इस जगह को किसी भी देश का स्वामित्व नहीं है, बल्कि इसको अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए चलाया जाता है.

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अंटार्कटिका संधि एक समझौता है जो कि अंटार्कटिका को एक वैज्ञानिक संरक्षित क्षेत्र घोषित करता है और इस जगह पर किसी भी तरह की सैन्य गतिविध पर पाबंदी है.

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इस संधि पर 1 दिसंबर 1950 को वाशिंगटन में 12 देशों ने साइन किया था. इस संधि में संयुक्त राष्ट्र का कोई भी देश शामिल हो सकता है. ऐसे में बाद में इसमें देश जुड़ते चले गए.

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अंटार्कटिका संधि यह सुनिश्चित करती है कि इस जगह पर किसी भी देश का स्वामित्व नहीं है, बल्कि यहां आकर रिसर्चर्स वैज्ञानिक जानकारी हासिल कर सकते हैं.

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यहां पर कुछ प्रमुख अनुसंधान केंद्र जैसे मैकमुर्डो (अमेरिका), दक्षिण गंगोत्री और भारती (भारत), प्रिंस एलिजाबेथ (बेल्जियम) शामिल हैं.

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