कई लोग बार-बार बोलते हैं सॉरी, जानिए क्या है इसके पीछे की वजह
आज के वक्त सॉरी बोलना हमारी आदत बन चुकी है. कई बार जरूरत नहीं होने पर भी हम लोग सॉरी बोल देते हैं. मनोवैज्ञानिक तौर पर जब कोई बिना कुछ गलत किए सॉरी बोलता है, तो वह आसानी से दूसरों का भरोसा और विश्वास हासिल कर लेता है. लेकिन सॉरी बोलना आपकी मानसिक कमजोरी की निशानी भी मान ली जाती है.
माना जाता है क सॉरी बोलनी की वजह ये है कि लोग इसका अर्थ मानते हैं - 'मुझे माफ कर दीजिए'. हालांकि ऐसा है बिल्कुल नहीं है.
SORRY का सही अर्थ दुखी महसूस करना, खेद व्यक्त करना या फिर अपनी गलती पर दुखी होना है. सॉरी बोलने के बाद आपके गलती दोहराने की गुंजाइश बेहद कम हो जानी चाहिए. 'सॉरी' शब्द अंग्रेजी के 'सरिग' या 'सॉरो' शब्द से बना है, जिसका मतलब होता है 'गुस्सा या परेशान' होना है.
बता दें कि ज्यादातर लोग सॉरी शब्द का इस्तेमाल एक आदत की तरह करते हैं. इसके जैसे शब्द कई अन्य भाषाओं में मिलते हैं जैसे प्राचीन जर्मन भाषा का sairag और मॉर्डन जर्मन भाषा का sairagaz, इंडो यूरोपीय भाषा का sayǝw है.
अब सवाल ये है क SORRY का फुल फॉर्म क्या होता है. SORRY का मतलब “Someone Is Really Remembering You होता है. हालांकि इसके बारे में किसी भाषा वैज्ञानिक ने पुष्टि नहीं की है.
दक्षिणी ओरेगन विश्वविद्यालय की एक भाषाविज्ञान विशेषज्ञ एडविन बैटीस्टेला और सॉरी अबाउट दैट: द लैंग्वेज ऑफ पब्लिक एपोलॉजी नाम की किताब लिखी है. उनके मुताबिक 'लोग सॉरी शब्द का इस्तेमाल अलग-अलग तरीकों से करते हैं. जो लोग इस शब्द का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, जरूरी नहीं कि वे ज्यादा पछताते हैं. माना जाता है कि उनकी आदत पड़ चुकी है.