क्या बेवफा दोस्तों के साथ रहने से बढ़ती है बेवफाई की आदत, क्या कहता है साइंस?
आपने ये तो सुना ही होगा कि इंसान जिन लोगों के साथ रहता है, वैसा उसका स्वभाव बन जाता है. अच्छे लोगों के साथ रहने पर इंसान अच्छा बनता है और बुरे लोगों के साथ रहने पर इंसान बुरा बनता है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति अपने दोस्तों या सहकर्मियों के बीच रहता है, जो बेवफाई करते हैं, तो उनके खुद बेवफाई करने की संभावना बढ़ सकती है.
रिपोट्स के मुताबिक इसका कारण यह है कि साथियों का ऐसा व्यवहार अफेयर के विचार को सामाजिक रूप से स्वीकार्य और सामान्य बना सकता है. जिससे व्यक्ति को लग सकता है कि यह उतना जोखिम भरा या अनैतिक नहीं है, जितना वह सोचता था.
इंसान जिन दोस्तों के साथ रहता है, अगर कोई लगातार गलत काम करते हैं और उसका असर तुरंत नहीं दिखता है, तो वह व्यक्ति ये सोचता है कि ये उतना गलत काम भी नहीं है, जितना मैं सोचता था.
इसीलिए एक्सपर्ट हमेशा सलाह देते हैं कि इंसान को अच्छे लोगों के साथ संबंध बनाकर रखना चाहिए. जिससे वो गलती विचारों पर ना चले और सही गलत का फैसला ले सके.