मिठाई में जो परत होती है क्या वो वाकई चांदी होता है?

कोई त्योहार हो या फिर घर में कोई खास फंक्शन, चांदी के वर्क की मिठाईयां अक्सर हम भारतीय घरों में आ ही जाती हैं. कई लोग खासतौर पर मिठाईयों पर चांदी का वर्क लगवाते हैं, लेकिन कभी आपके मन में भी ये सवाल आया है कि आखिर ये चांदी का वर्क बनाया कैसे जाता है और क्या वाकई में ये चांदी होती है?
इसे चांदी का वरक या फिर सिल्वर लीफ भी कहा जाता है, जो खासतौर पर मिठाईयों पर इस्तेमाल किया जाता है.
बता दें कि सिल्वर लीफ चांदी से बनाई गई एक बहुत ही महीन सी परत होती है, जिसे खासकर मिठाई, जैसे काजू कतली, बेसन चक्की, बंगाली मिठाई आदि बनाने के बाद उसके ऊपर लगाया जाता है.
बता दें कि मिठाईयों पर लगे इस चांदी के वर्क को बनाने के लिए एक खास तरह की प्रोसेस होती है. इसे बनाने के लिए चमड़े का इस्तेमाल किया जाता है.
सिल्वर लीफ (चांदी) को चमड़े में रख कर विशेष तरह के हथौड़े उसे लम्बे समय तक कूट-कूट कर पतला किया जाता है. ऐसा करने से चांदी एक पतली झिल्ली जैसी परत में बदल जाती है.
ये महीन परत ही चांदी का वर्क कहलाती है. इसके बाद इसे निकाल कर कागज़ में पैक करके बाजार में बेचा जाता है. हालांकि आजकल चांदी का वर्क बनाने का कार्य मशीनों की मदद से किया जाने लगा है, जिसके चलते इसे पूजा, व्रत आदी में इस्तेमाल किया जा सकता है.