ट्रेन का एक टिकट बेचने पर रेलवे को कितना होता है फायदा? कमाई जानकर उड़ जाएंगे होश
भारत में अक्सर जब लोगों को दूरी का सफर तय करना होता है. तो ज्यादातर लोगों की पहली पसंद ट्रेन होती है. ट्रेन का सफर काफी सुविधा युक्त और सहूलियत भरा होता है. ट्रेन का सफर फ्लाइट के मुकाबले सस्ता भी होता है.
ट्रेन में यात्रा करने के लिए यात्रियों के लिए दो तरह की व्यवस्था होती है. जिसमें लोग रिजर्व कोच और अनरिजर्व्ड कोच में सफर कर सकते हैं. रिजर्व्ड कोच में सफर आसान होता है. तो वही अनरिजर्व्ड कोच में आपको सफर के दौरान काफी परेशानियां देखनी पड़ती है.
भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए कई नियम बनाए होते हैं. इनमें एक जो सबसे जरूरी और सबसे बड़ा नियम है वह टिकट को लेकर है. रेलवे में कोई भी यात्री बिना टिकट लिए सफर नहीं कर सकता फिर चाहे वह रिजर्व कोच में हो या अनरिजर्व्ड कोच में.
रेलवे रोज इतनी संख्या में यात्रियों के ट्रैवल करने से करोड़ों का रेवेन्यू जनरेट करता है. इसे को लेकर कई लोगों के मन यह सवाल आता है कि रेलवे एक दिन में टिकट बेचकर कितना फायदा कमाती है. तो आपको बता दें यह कमाई कई सौ करोड़ में होती है.
साल 2021-22 की वित्त वर्ष में जारी की गई वाणिज्य मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे रोजाना 400 करोड रुपये का रेवेन्यू जेनरेट करता है. लेकिन बता दें इस में से कुछ हिस्सा ही टिकट की बिक्री से आता है. बाकी का हिस्सा माल ढुलाई से कमाया जाता है.
अगर इसके पूरे स्ट्रक्चर की बात की जाए तो यात्रियों की टिकट किराये का हिस्सा रेलवे के राजस्व में सिर्फ 20.02 फीसदी रहता है. बाकी का 75.02 फ़ीसदी हिस्सा माल ढुलाई का रहता है. तो वहीं 4.6 फीसदी रेवेन्यू अलग-अलग सोर्स से कमाया जाता है.