Sindoor: पति के हाथ से सिंदूर लगाने से क्या होता है?
सिंदूर शादी के बाद महिलाओं के लिए शास्त्रों में अनिवार्य बताया गया है, ये ना सिर्फ पति की आयु से जुड़ा माना गया है, बल्कि पति-पत्नी के बीच प्यार को बढ़ाने वाला भी बताया गया है.
जब भी आप सिंदूर लगाए तो माता पार्वती का ध्यान करें क्योंकि माता पार्वती ही अखंड सौभाग्यवती का वरदान देती है.
आमतौर पर पति सिर्फ शादी वाले दिन ही महिला की मांग भरते हैं, उसके बाद महिला अपने हाथ से सिंदूर लगाती हैं लेकिन बीच-बीच या किसी खास दिन जैसे करवा चौथ, वट सावित्री व्रत, में पति का हाथ से सिंदूर लगवाना चाहिए, इससे दोनों के बीच प्यार बढ़ता है.
अक्सर महिलाएं बाल धोने के तुरंत बाद सिंदूर लगा लेती है जो शास्त्रों के अनुसार अनुचित है. इससे सिंदूर फैल सकता है. ऐसा करने पर नकारात्मक विचार उत्पन्न होते हैं और पति को धन हानि झेलनी पड़ सकती.
अगर मांग में सिंदूर भरते वक्त, वो नाक या माथे पर गिरता है तो इसे शुभ माना जाता है. इसका मतलब है कि पति-पत्नी के बीच रिश्तों में बेहतरी आएगी.
कहते है, सिंदूर को हमेशा दाहिने हाथ से ही लगाना चाहिए। बाएं हाथ से सिंदूर लगाने को अशुभ माना जाता है और इससे जीवन में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो सकता है.