जमीन के कितने नजदीक उड़ सकते हैं फाइटर प्लेन, नहीं जानते होंगे आप

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बना हुआ है. दोनों देशों के बीच जंग जैसे आसार हैं, जिसको लेकर भारत और पाकिस्तान की आर्मी अलर्ट पर हैं. भारत ने अपने फाइटर जेट्स के बेड़े को भी अलर्ट कर दिया है.
भारतीय वायु सेना ने हाल ही में गंगा एक्सप्रेस वे पर भी युद्धाभयास किया था, जिसमें राफेल, सुखोई और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान शामिल थे. ऐसे में सवाल यह है कि फाइटर जेट्स जमीन के कितने नजदीक उड़ सकते हैं?
बता दें, बदलते समय में युद्ध की जरूरतें भी बदल गई हैं, जिसमें फाइटर जेट्स का रोल काफी अहम हो गया है. यही कारण है कि भारत अपनी वायु सेना को लगातार मजबूत कर रहा है.
भारत के पास राफेल, सुखोई, जगुआर जैसे इतने घातक लड़ाकू विमान हैं, जो दुश्मन की नजर में आए बिना ही उसके इलाके में तबाही मचा सकते हैं. इन फाइटर जेट्स की स्पीड को छू पाना सब के बस की बात नहीं है.
आम तौर पर तेज स्पीड और हल्के वजन वाले फाइटर जेट्स 2-3 मिनट में 10 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंच सकते हैं. वहीं कुछ जेट्स तो कुछ सेकेंड में ही इससे ज्यादा ऊंचाई तक पहुंच जाते हैं.
हालांकि, फाइटर जेट्स को इस तरह डिजाइन किया जाता है, जिससे वे ग्राउंड मिशन में भी अपना योगदान दे सकें. कई बार मिशन की जरूरत के अनुसार, इन विमानों को जमीन के काफी नजदीक उड़ान भरनी होती है. एक्सपर्ट्स की मानें तो कई विमान जमीन की 100 फीट की ऊंचाई पर रहकर भी उड़ान भर सकते हैं.
इसके अलावा समुद्री मिशनों या रेस्क्यू मिशनों में भी ये विमान सतह के काफी करीब रहते हैं. कई बार जमीन से विमानों की दूरी 100 फीट से भी काफी कम हो जाती है. यह मिशन की जरूरत पर निर्भर करता है, हालांकि इस दौरान खतरा काफी बढ़ जाता है.