देश की इकलौती ट्रेन में यात्रियों को फ्री में मिल रहा खाना, रेलवे नहीं देता तो कहां से आता है खर्चा?

भारत में ट्रेनों में खाने के लिए आपको टिकट के साथ ही उसका पेमेंट भी करना होता है. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको अलग से खाना खरीदने के लिए पैसे देने पड़ते हैं. लेकिन देश में एक ट्रेन ऐसी भी है जो मुफ्त में सुबह का नाश्ता, दोपहर का लंच और रात का खाना परोसती है. क्या आपको मालूम है कि रेलवे इसके लिए पैसे नहीं देते है, तो आखिर इसका पेमेंट कौन करता है. चलिए जानें.
इस ट्रेन में जनरल से लेकर एसी बोगी तक यात्रियों को मुफ्त का खाना मिलता है. इस ट्रेन का नाम है सचखंड एक्सप्रेस.
सचखंड एक्सप्रेस (12715) ट्रेन पंजाब के अमृतसर से चलकर महाराष्ट्र के नांदेड़ तक जाती है. ट्रेन 2000 किलोमीटर का सफर तय करती है.
सचखंड एक्सप्रेस अमृतसर के श्री हरमंदिर साहव और नांदेड़ के श्री हजूर साहब को जोड़ती है. सिख धर्म के10वें गुरु गोविंद सिंह का नांदेड़ में निधन हो गया था. इसी वजह से यह जगह बहुत मायने रखती है.
यह ट्रेन में 39 स्टेशन पर ठहरती है. यह यात्रा तकरीबन 33 घंटे में पूरी होती है. इस दौरान भोपाल, नई दिल्ली, परभनी, जालना, औरंगाबाद और मराठवाड़ा स्टेशनों पर फ्री लंगर मिलता है.
खाने का मेन्यू यात्रा के दौरान बदलता रहता है. खाने के दौरान दाल खिचड़ी, आलू-गोभी की सब्जी, छोले दाल और कढ़ी चावल होता है.
इस दौरान खाना शुद्ध, सात्विक और सिख परंपरा के अनुसार होता है. इसका पूरा खर्चा गुरुद्वारों से मिलने वाले दान से दिया जाता है.
इस दौरान यात्री लंगर का मजा उठाने के लिए अपने बर्तन साथ लेकर चलते हैं, क्योंकि खाने की सुविधा बर्तनों में दी जाती है.