Iran Currency: भारत से 10,000 लेकर भी जाएंगे तो इस मुस्लिम देश में बन जाएंगे बड़े अमीर, जानें कितनी कमजोर है यहां की करेंसी

Iran Currency: सोचिए कि आप एक ऐसे देश में है जहां आपके ₹10,000 लगभग 50 लाख हो जाते हैं. आपको यह बात अविश्वसनीय लग रही होगी लेकिन आपको बता दें कि सच में एक ऐसा देश है. हम बात कर रहे हैं ईरान की. ईरान की मुद्रा, ईरानी रियाल दुनिया की सबसे कमजोर मुद्राओं में से एक है. इन्फ्लेशन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की वजह से ईरानी मुद्रा इतनी ज्यादा गिर चुकी है कि भारतीय रुपए में एक छोटी सी रकम भी कागज पर बहुत बड़ी लग सकती है. आइए जानते हैं यहां की मुद्रा के बारे में पूरी जानकारी.
भारतीय रुपये और ईरानी रियाल के बीच विनियम दर में काफी ज्यादा असमानता है. वर्तमान विनियम दर के मुताबिक एक भारतीय रुपया लगभग 478 ईरानी रियाल के बराबर है. यानी कि ₹10000 हुए लगभग 47,81,640 रियाल.
आर्थिक प्रतिबंधों, खराब प्रशासन और इन्फ्लेशन की वजह से ईरान की मुद्रा समय के साथ-साथ गिरती चली गई है. ईरानी रियाल पहले स्थिर हुआ करता था लेकिन पिछले एक दशक में अपनी ग्लोबल परचेसिंग पावर में गिरावट देख रहा है.
संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए उस पर प्रतिबंध लगाए हुए हैं. इस प्रतिबंध ने ईरान को अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग प्रणालियों से अलग कर दिया है. इसका असर विदेशी निवेश और व्यापार पर काफी ज्यादा पड़ा है.
ईरान का इन्फ्लेशन रेट काफी ज्यादा तेजी से ऊंचाई पर बना हुआ है. यह अक्सर सालाना 40% से 50% तक पहुंच जाता है. रोजमर्रा की चीजें दिन प्रतिदिन काफी ज्यादा महंगी हो रही हैं.
रोजमर्रा की जिंदगी में ईरानी रियाल की जगह तोमन का इस्तेमाल करते हैं. एक तोमन 10 रियाल के बराबर होता है.
प्रतिबंधों की वजह से ही वीजा और मास्टर कार्ड जैसी अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग प्रणालियां ईरान में काम नहीं करती हैं. पर्यटकों को विनियम के लिए विदेशी मुद्रा, जैसे अमेरिकी डॉलर या फिर यूरो में नगदी रखनी होती है.