Traffic Fines: इस देश में इनकम के हिसाब से लगता है ट्रैफिक फाइन, जितनी ज्यादा कमाई उतना बड़ा फाइन

Traffic Fines: कई देश ट्रैफिक नियम तोड़ने पर फिक्स्ड पेनल्टी लगाते हैं. यानी कि इनकम चाहे जो भी हो हर कोई एक जैसा ही फाइन भरता है. लेकिन दुनिया में एक ऐसा देश भी है जहां पर ट्रैफिक फाइन किसी व्यक्ति की कमाई के आधार पर कैलकुलेट किया जाता है. आइए जानते हैं कौन सा है वह देश.
फिनलैंड में ट्रैफिक फाइन फिक्स्ड रकम नहीं होती. यहां पर फाइन को अपराधी की इनकम के आधार पर कैलकुलेट किया जाता है. यानी कि ज्यादा कमाने वाले लोग उसी जुर्म के लिए काफी ज्यादा पेनल्टी भर सकते हैं.
यह देश डे फाइन सिस्टम नाम के एक सिस्टम को फॉलो करता है. यहां अधिकारी सभी के लिए एक स्टैंडर्ड पेनल्टी लगाने के बजाय अपराधी की रोजाना की खर्च करने लायक इनकम का इस्तेमाल करके फाइन तय करते हैं.
इस सिस्टम के तहत पुलिस पहले अपराधी की लगभग रोजाना की नेट इनकम कैलकुलेट करती है. इसके बाद उस रकम का लगभग आधा हिस्सा एक डे फाइन के लिए बेस वैल्यू के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है.
रोज की इनकम कैलकुलेट करने के बाद अधिकारी तय करते हैं कि ट्रैफिक नियम तोड़ने की गंभीरता कितनी है. इसके बाद कुछ डे यूनिट तय की जाती है जो लगभग 10 दिनों से लेकर 20 दिन या फिर गंभीर अपराधों के लिए इससे भी ज्यादा हो सकती है.
इस सिस्टम का मुख्य लक्ष्य निष्पक्षता है. यह इस बात को पक्का करता है कि ट्रैफिक जुर्माने का असर अमीर लोगों और आम नागरिकों दोनों पर एक जैसा ही है ना कि सिर्फ कम इनकम वाले ड्राइवरों पर.
इस नियम की वजह से नियम तोड़ने वाले अमीर लोगों पर भी कभी-कभी काफी ज्यादा जुर्माना लगा है. इसमें ऐसे मामले भी शामिल है जहां लोगों पर तेज गाड़ी चलाने के लिए €1,21,000 से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया.