ड्राई क्लीनिंग में क्या सच में सूखी धुलाई होती है? जानिए पानी के बिना कैसे चमकाए जाते हैं कपड़े
यहां तक कि बहुत से लोग अपने गर्मी के कपड़े भी ड्राई क्लीनिंग के लिए देते हैं. यही कारण है कि यह इंडस्ट्री आज काफी फल-फूल रही है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ये ड्राई क्लीनिंग होती कैसे है?
ड्राई क्लीनिंग का नाम सुनकर बहुत से लोगों को लगता है कि इसमें सूखी धुलाई होती होगी. यानी कपड़े बिना गीले किए ही धुले जाते होंगे, लेकिन ऐसा नहीं होता है.
असल में ड्राई क्लीनिंग कपड़े धोने के पारंपरिक तरीके से काफी अलग है. पारंपरिक तरीके में हम कपड़े धोने के लिए पानी और डिटर्जेंट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ड्राई क्लीनिंग में ऐसा नहीं होता.
ड्राई क्लीनिंग कपड़े धोने की वह प्रक्रिया है, जिसमें पानी के उपयोग के बिना कपड़े को साफ किया जाता है. इसमें पानी या डिटर्जेंट के बजाय कपड़ों को कार्बनिक सॉल्वैंट्स से साफ किया जाता है.
ड्राई क्लीनिंग में टेट्राक्लोरोएथिलीन सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाला कैमिकल है. हालांकि, क्लोरीन ब्लीज का इस्तेमाल भी बड़े स्तर पर होता है. यह कैमिकल कपड़े को साफ करने को बाद वाष्पीकृत हो जाता है.
ये कैमिकल काफी शक्तिशाली होते हैं, जो कपड़ों को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं. इसलिए हर कपड़े को ड्राई क्लीनिंग नहीं करना चाहिए. सिर्फ सिल्क, ऊनी और मखमल जैसे कपड़ों के लिए ही ड्राई क्लीनिंग होती है.