वायुमंडल नहीं होता तो ऐसा होता धरती का नजारा, दिनरात चांद आता नजर

दिन में सूरज और रात के समय चांद दिखना तो बेहद आम बात है, लेकिन कभी-कभी आपने दिन के समय भी चांद देखा होगा.
ऐसे में क्या कभी आपके मन में खयाल आया है कि आखिर दिन के समय चांद दिखने के पीछे की वजह क्या होती है? दरअसल इसके पीछे की बड़ी वजह हमारी पृथ्वी पर मौजूद वायुमंडल है.
जब रोशनी सूरज से रिफ्लेक्ट होती है उस समय धरती से चांद नजर आता है. दिन में चांद नजर आने की मुख्य तौर पर दो वजह होती हैं, पहला धरती का वायुमंडल और दूसरा ऑर्बिटल साइकिल.
अब जरा सोचिए कि यदि हमारा वायुमंडल नहीं होता तो धरती का नजारा कैसा होता? तो बता दें कि यदि हमारा वायुमंडल नहीं होता तो पृथ्वी से दिन हो या फिर रात, हर समय चांद नजर आता.
हमारे वायुमंडल में गैसों के कण, खासतौर पर नाइट्रोजन और ऑक्सीजन कम वेवलंथ वााली रोशनी बिखेरते हैं.
जब दिन के समय चांद सूरज से बिखरी हुई रोशनी को पार कर लेता है तो पृथ्वी से नजर आने लगता है, हालांकि ये अमावस्या पर कम ही होता है.