दूध को कच्चा रख दिया जाए तो फट जाता है लेकिन उबालने पर नहीं फटता, लेकिन क्यों?
दरअसल यदि काफी देर तक दूध को बिना गर्म किए रूम टेम्प्रेचर पर रखा जाता है और उसे उबाला नहीं जाता या फ्रीज में नहीं रखा जाता तो उसका पीएच लेवल कम होने लगता है. उसमें मौजूद प्रोटीन के कण एक-दूसरे के करीब आने लगते हैं और उसका पीएच लेवल गिरने लगता है.
ऐसी स्थिति में दूध एसिडिक हो जाता है. फिर जब दूध एसिडिक होता है तो वो फट जाता है. दूध का पीएच लेवल मेंटेन करने के लिए ही उसे बार-बाार गर्म करना पड़ता है.
वहीं यदि कुछ घंटो के अंतराल में दूध को बार-बार गर्म किया जाता है तो उसमें मौजूूद बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं. इससे लैक्टिक एसिड बनने की प्रक्रिया नहीं हो पाती, जिससे दूध नहीं फटता.
कभी-कभी रूम ट्रेम्प्रेचर पर रखे दूध को तेज आंच में गर्म किया जाए तब भी वो फट जाता है, जिसकी वजह अचानक दूध का तापमान बदलना है.
दरअसल यदि अचानक रूम ट्र्म्प्रेचर से तेज आंंच पर दूध चढ़ा दिया जाता है तो उसका तापमान बदल जाता है और वो फट जाता है.