पृथ्वी से कितनी ऊपर तक बिना ऑक्सीजन जिंदा रह सकता है इंसान? स्पेस से जुड़ा यह फैक्ट नहीं जानते होंगे आप

आपने स्पेस में ट्रैवल करने वाले एस्ट्रोनॉट्स के स्पेस सूट में ऑक्सीजन का सिलेंडर तो देखा ही होगा. यह ऑक्सीजन अंतरिक्ष यात्रियों के लिए काफी जरूरी होती है, क्योंकि स्पेस में ऑक्सीजन नहीं है, जिससे वह इस सिलेंडर के जरिए सांस लेते हैं.
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पृथ्वी से कितनी ऊपर तब हम बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के जिंदा रह सकते हैं. यानी पृथ्वी की सतह से कितनी ऊंचाई तक ऑक्सीजन मौजूद है और कहां तक इंसान बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के ट्रैवल कर सकता है.
आप अगर पहाड़ों पर गए होंगे तो महसूस किया होगा कि जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती है, हमें सांस लेने में तकलीफ होने लगती है. दरअसल, ऊंचाई पर ऑक्सीजन की मात्रा घटने लगती है, जिसके बाद हमें अलग से ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ती है.
हवाई जहाज में यात्रा के दौरान भी ऐसा होता है, जिसमें अधिक ऊंचाई पर ऑक्सीजन की मात्रा कम होने लगती है. इससे कुछ लोगों को समस्या भी हो जाती है, यही कारण है कि हवाई जहाज में आपात स्थिति के लिए ऑक्सीजन मास्क दिए गए होते हैं.
वैज्ञानिकों के अनुसार, धरती के ऊपर ऑक्सीजन की मात्रा लगभग 120 किलोमीटर ऊंचाई तक पाई जाती है, लेकिन हम जैसे-जैसे ऊपर जाते हैं ऑक्सीजन नगण्य होती जाती है और अंतरिक्ष तक यह बिल्कुल खत्म हो जाती है.
यहां एक बात गौर करने वाली है कि इंसानों के जिंदा रहने के लिए ऑक्सीजन पृथ्वी की तरह से केवल कुछ सौ मीटर तक ही उपलब्ध है. इससे ज्यादा ऊंचाई पर जाने से सांस फूलने लगती है और हमें ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ती है.