✕
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
  • बिहार
  • दिल्ली NCR
  • महाराष्ट्र
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • झारखंड
  • गुजरात
  • छत्तीसगढ़
  • हिमाचल प्रदेश
  • जम्मू और कश्मीर
  • बॉलीवुड
  • ओटीटी
  • टेलीविजन
  • तमिल सिनेमा
  • भोजपुरी सिनेमा
  • मूवी रिव्यू
  • रीजनल सिनेमा
  • क्रिकेट
  • आईपीएल
  • कबड्डी
  • हॉकी
  • WWE
  • ओलिंपिक
  • धर्म
  • राशिफल
  • अंक ज्योतिष
  • वास्तु शास्त्र
  • ग्रह गोचर
  • एस्ट्रो स्पेशल
  • बिजनेस
  • हेल्थ
  • रिलेशनशिप
  • ट्रैवल
  • फ़ूड
  • पैरेंटिंग
  • फैशन
  • होम टिप्स
  • GK
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो

Coconut Water: नारियल में पानी कैसे भरता है, क्या है इसके पीछे का साइंस?

स्पर्श गोयल   |  30 Jun 2026 05:32 PM (IST)
Coconut Water: नारियल में पानी कैसे भरता है, क्या है इसके पीछे का साइंस?

Coconut Water: नारियल पानी को अक्सर प्रकृति के सबसे शुद्ध पेय पदार्थ में से एक माना जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि नारियल के अंदर पानी आखिर आता कहां से है? दरअसल यह पानी सीधे बारिश से नहीं सोखा जाता और ना ही बाहर से जमा किया जाता है. इसके पीछे काफी जटिल प्रक्रिया है. आइए जानते हैं क्या है यह प्रक्रिया.

1

नारियल का पेड़ ऑस्मोसिस नाम की वैज्ञानिक प्रक्रिया का इस्तेमाल करके अपनी जड़ के जरिए मिट्टी से पानी सोखता है. इस प्रक्रिया के दौरान पानी प्राकृतिक रूप से आसपास की मिट्टी से जड़ की कोशिका में जाता है और पेड़ के विकास के लिए जरूरी मिनरल भी साथ ले जाता है.

Continues below advertisement
2

जड़ों द्वारा सोखे जाने के बाद पानी जाइलम नाम के एक खास चैनल के जरिए आगे बढ़ता है. कैपिलरी एक्शन और पेड़ के प्राकृतिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम का इस्तेमाल करके पानी गुरुत्वाकर्षण बल के बावजूद जमीन से काफी ऊपर उग रहे नारियल तक पहुंचता है.

Continues below advertisement
3

बड़े हो रहे नारियल के अंदर पहुंचने पर पानी पोषक तत्व से भरपूर तरल पदार्थ में बदल जाता है. इसे लिक्विड एंडोस्पर्म कहा जाता है. यह साधारण पानी नहीं होता बल्कि एक प्राकृतिक घोल है जिसमें शुगर, मिनरल्स, विटामिन और दूसरे पोषक तत्व होते हैं.

4

नारियल पानी का मुख्य उद्देश्य विकास के शुरुआती चरण में नारियल के भ्रूण को सहारा देना है. यह बीज के पूरी तरह परिपक्व होने तक भोजन के स्रोत और सुरक्षात्मक वातावरण दोनों के रूप में काम करता है.

5

जैसे-जैसे नारियल बड़ा होता है लिक्विड एंडोस्पर्म का कुछ हिस्सा धीरे-धीरे ठोस हो जाता है और अंदरूनी खोल के साथ जमा हो जाता है. इस प्रक्रिया से मोटा सफेद खाने योग्य गूदा बनता है जिसे आमतौर पर नारियल का खोपरा कहा जाता है. इसी के साथ बचा हुआ तरल पदार्थ अंदर नारियल पानी के रूप में रह जाता है.

6

नारियल के अंदर पानी का होना पूरी तरह से पौधों की फिजियोलॉजी और फल के विकास का परिणाम है.

  • हिंदी न्यूज़
  • फोटो गैलरी
  • जनरल नॉलेज
  • Coconut Water: नारियल में पानी कैसे भरता है, क्या है इसके पीछे का साइंस?
Continues below advertisement
About us | Advertisement| Privacy policy
© Copyright@2026.ABP Network Private Limited. All rights reserved.