सैर-सपाटा या नियमों की जंजीर? दुनिया के वो डेस्टिनेशन जहां हर कदम पर है पाबंदियों का पहरा

छुट्टियों का नाम सुनते ही मन में आजादी और बेफिक्री का अहसास होता है, लेकिन दुनिया के नक्शे पर कुछ देश ऐसे भी हैं जहां पर्यटन का मतलब मौज-मस्ती नहीं बल्कि कड़े अनुशासन का पालन करना है. इन देशों में कदम रखते ही आपकी हर गतिविधि सरकारी निगरानी में आ जाती है. यहां आप अपनी मर्जी से न तो रास्ता चुन सकते हैं और न ही किसी स्थानीय नागरिक से खुलकर बात कर सकते हैं. आजाद परिंदों की तरह घूमने का शौक रखने वाले सैलानियों के लिए ये जगहें किसी चुनौती से कम नहीं हैं, जहां हर मोड़ पर नियमों की एक नई दीवार खड़ी मिलती है.
दुनिया के कुछ देशों में टूरिज्म को पूरी तरह आजाद नहीं रखा गया है. यहां पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए सरकार ने पहले से ही एक लक्ष्मण रेखा खींच रखी है. इन जगहों पर जाने से पहले आपको अपना पूरा ट्रैवल प्लान अधिकारियों से मंजूर कराना होता है.
कई बार तो आपको यह भी बताना पड़ता है कि आप किस समय कहां होंगे और किससे मिलेंगे. इन पाबंदियों का मुख्य उद्देश्य देश की सुरक्षा और वहां की संस्कृति को बाहरी प्रभाव से बचाना होता है. यहां नियमों का उल्लंघन करने पर न केवल भारी जुर्माना लग सकता है, बल्कि आपको देश से बाहर भी निकाला जा सकता है.
उत्तर कोरिया को पर्यटन के लिहाज से दुनिया का सबसे पाबंद देश माना जाता है. यहां आप अकेले घूमने की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं. हवाई अड्डे पर उतरते ही आपको एक सरकारी गाइड सौंप दिया जाता है, जो चौबीसों घंटे आपके साथ रहता है. आप केवल उन्हीं जगहों की फोटो खींच सकते हैं जिनकी अनुमति दी गई है.
यहां के महान नेताओं की मूर्तियों या तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ या उनका अनादर करना एक गंभीर अपराध माना जाता है. उत्तर कोरिया में आपके होटल से बाहर कदम रखते ही गाइड का साथ होना अनिवार्य है, जिससे यहां घूमना किसी मिशन जैसा महसूस होता है.
सऊदी अरब ने हाल के वर्षों में पर्यटकों के लिए अपने दरवाजे खोले हैं, लेकिन यहां के नियम अभी भी काफी सख्त हैं. यहां के पवित्र धार्मिक स्थलों पर गैर-मुसलमानों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है. इसके अलावा, सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए एक विशेष ड्रेस कोड का पालन करना जरूरी होता है, जो वहां की परंपराओं के अनुरूप हो.
ईरान की खूबसूरती और इतिहास सैलानियों को खींचता तो है, लेकिन यहां की पाबंदियां उन्हें डरा भी देती हैं. ईरान की यात्रा पर जाने वाले पर्यटकों को अपना पूरा रूट पहले से ही प्रशासन को देना पड़ता है. यहां के कुछ संवेदनशील और धार्मिक क्षेत्रों में जाने के लिए विशेष परमिट की आवश्यकता होती है. स्थानीय लोगों के साथ घुलने-मिलने या राजनीतिक चर्चा करने पर भी कड़ी नजर रखी जाती है.
तुर्कमेनिस्तान दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां वीजा मिलना ही अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है. यहां घूमने के लिए सरकार द्वारा अनुमोदित ट्रैवल एजेंसी का सहारा लेना पड़ता है. देश के कई हिस्से ऐसे हैं जहां पर्यटकों का जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है. आपका पूरा यात्रा कार्यक्रम सरकार द्वारा पास किया जाना जरूरी है और इसमें ऐन मौके पर कोई बदलाव नहीं किया जा सकता.