जापान पर तीसरा परमाणु बम भी फेंकने की तैयारी कर रहा था अमेरिका, इस वजह से रोके थे कदम

जब कभी भी परमाणु बम की बात होती है तो हिरोशिमा और नागासाकी को भुलाया नहीं जा सकता है. 6 अगस्त और 9 अगस्त ही वो दो दिन थे, जब अमेरिका ने पहले हिरोशिमा और फिर नागासाकी पर परमाणु हमला किया था. इस धमाके ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था और जापान के दो शहर वीरान हो गए थे. आज भी वो मंजर लोगों के रोंगटे खड़े कर देता है. लेकिन क्या आपको पता है कि अमेरिका जापान पर तीसरा परमाणु बम भी गिराने वाला था. चलिए जानें कि आखिर उसने अपने कदम क्यों रोके थे.
आज भले इस बात को 80 साल के करीब हो चुके हैं, और जापान का नाम विकसित देशों में शुमार हो गया है, लेकिन फिर भी दुनिया पर परमाणु बम का खतरा मंडरा रहा है और आज भी कई देश एक-दूसरे को परमाणु हमले की धमकी देते हैं.
जापान पर तीसरा बम गिराने की भी योजना संयुक्त राज्य अमेरिका की थी. अगर जापान नागासाकी पर हुए दूसरे परमाणु हमले के बाद आत्मसमर्पण नहीं करता तो फिर अमेरिका तीसरा बम गिराने के लिए भी तैयार था.
अमेरिका द्वारा तीसरा परमाणु बम गिराए जाने की योजना जब जापान को पता चली थी, तो उसको आत्मसमर्पण के लिए मजबूर होना पड़ा था.
खबरों की मानें तो तीसरे परमाणु बम का संभावित लक्ष्य टोक्यो को माना जा रहा था, लेकिन अंतिम निर्णय उच्च अधिकारियों पर छोड़ दिया गया था.
अमेरिका ने इस बम के लिए पूरी तरह से तैयारी कर ली थी और 10 अगस्त 1945 को एक कमांडर ने बनाने की सिफारिश की थी.
लेकिन जब हिरोशिमा और नागासाकी पर अमेरिका ने बम गिरा दिया और जापान ने आत्मसमर्पण कर दिया तो इसके बाद उसे तीसरा बम गिराने की जरूरत नहीं पड़ी.
फैट मैन और लिटिल बॉय यही वो परमाणु हथियार थे, जिनको कि अमेरिका ने तैयार करके हिरोशिमा और नागासाकी पर गिराया था और लोग भयानक तबाही से बच गया था.