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Mountain Age: क्या पहाड़ों की भी उम्र होती है, कितनी होती है इनकी जिंदगी?

स्पर्श गोयल   |  16 Feb 2026 06:54 PM (IST)
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पहाड़ तब बनते हैं जब धरती की सतह के नीचे बड़ी टेक्टोनिक प्लेट आपस में टकराती हैं, मुड़ती है या फिर ऊपर की ओर धकेलती हैं. इस प्रोसेस को ओरोजेनी कहते हैं. यह जमीन को ऊपर उठने पर मजबूर करती है और ऊंची ऊंची पहाड़ियां बनाती है. इस शुरुआती स्टेज में पहाड़ नुकीले, खड़ी ढलान वाले और तेजी से ऊपर उठते हैं.

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अपनी जवानी में पहाड़ों की पहचान ऊंची चोटियों और ऊबड़-खाबड़ लकीरों से होती है. हिमालय जो लगभग 40-50 मिलियन साल पुराना माना जाता है, जियोलॉजिकली काफी नया माना जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि टेक्टोनिक एक्टिविटी अभी भी उन्हें ऊपर की तरफ धकेल रही है. इस वजह से वे दुनिया की सबसे ऊंची और सबसे शानदार पहाड़ों की रेंज में से एक हैं.

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समय के साथ कुदरती ताकतें पहाड़ों को नया आकार देना शुरू कर देती हैं. हवा, बारिश, नदी और ग्लेशियर धीरे-धीरे चट्टान को काट देते हैं. इस लगातार घिसाव की वजह से ऊंचाई और धार कम हो जाती है.

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भारत में अरावली रेंज धरती की सबसे पुरानी पहाड़ों की रेंज में से एक है. साइंटिस्ट्स का अंदाजा है कि इसकी उम्र 1.8 से 3.2 बिलियन साल के बीच है. हिमालय के उलट अरावली अब ऊंची और ऊबड़-खाबड़ नहीं रही.

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अगर काफी समय दिया जाए तो कटाव पहाड़ों को पूरी तरह से घिस सकता है. जो कभी ऊंची चोटियों हुआ करती थी वह आखिरकार घुमावदार पहाड़ियां या फिर सपाट मैदान बन सकती हैं. यह आखिरी स्टेज किसी पहाड़ के जियोलॉजिकल लाइफ साइकिल का अंत दिखाता है.

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जियोलॉजिस्ट रेडियो मैट्रिक डेटिंग का इस्तेमाल करके पहाड़ों की उम्र का पता करते हैं. यह तरीका चट्टानों के अंदर रेडियोएक्टिव आइसोटोप के खत्म होने को मापता है. इसे एनालाइज करके किस समय के साथ कितना रेडियोएक्टिव एलिमेंट होता है साइंटिस्ट यह कैलकुलेट कर सकते हैं की चट्टान कितनी पुरानी है.

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