Artificial Rain: 1 किमी एरिया में आर्टिफिशियल रेन कराने में कितना आता है खर्च? रकम जानकर उड़ जाएंगे होश

Artificial Rain: दिल्ली प्रदूषण और मौसम से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए एक बार फिर से आर्टिफिशियल रेन का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है. काफी लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस तरह से बारिश कराने में कितना खर्चा आता है. यह प्रक्रिया काफी ज्यादा महंगी होती है. आइए जानते हैं एक किलोमीटर के एरिया में आर्टिफिशियल रेन करने में कितना खर्चा आता है.
क्लाउड सीडिंग का खर्च ऑपरेशन के पैमाने पर निर्भर करता है. बड़े प्रोजेक्ट में ऑपरेशन का खर्च ₹20,000 प्रति वर्ग किलोमीटर तक कम हो सकता है लेकिन जब विमान का किराया, केमिकल और तकनीकी इंतजाम को जोड़ा जाता है तो यह खर्च ₹100000 प्रति वर्ग किलोमीटर तक बढ़ सकता है.
आर्टिफिशियल रेन के लिए इस्तेमाल होने वाले खास विमानों को उड़ाना काफी महंगा होता है. मॉडिफाइड सेसना विमान का इस्तेमाल करके एक क्लाउड सीडिंग उड़ान का खर्च लगभग ₹60 लाख से ₹64 लाख आता है. यह एक मिशन में लगभग 300 वर्ग किलोमीटर के इलाके को कवर कर सकता है.
क्योंकि दिल्ली का क्षेत्रफल लगभग 1483 वर्ग किलोमीटर है इस वजह से पूरे शहर में एक बार भी आर्टिफिशियल रेन का ऑपरेशन करने के लिए अनुमानित बजट 13 से 15 करोड़ लगेगा.
अगर प्रदूषण वाले महीनों में बार-बार आर्टिफिशियल रेन करवाई जाती है तो खर्च तेजी से बढ़ता है. तीन से चार महीने की अवधि में हर 10 दिन में आर्टिफिशियल रेन का ऑपरेशन करने पर कुल खर्च 25 करोड़ से 30 करोड़ हो सकता है.
आम हवाई जहाज क्लाउड सीडिंग नहीं कर सकते. इस प्रक्रिया के लिए खासतौर पर मोडिफाइड विमान, ट्रेंड पायलट, एविएशन परमिशन, ईंधन और मेंटेनेंस सपोर्ट की जरूरत होती है.
आर्टिफिशियल रेन सिल्वर आयोडाइड, ड्राई आइस और खास तरह के साल्ट जैसे पदार्थ पर निर्भर करती है. इन्हें सही बादलों पर छिड़का जाता है.