Ganga River Depth: भारत में किस जगह सबसे ज्यादा है गंगा नदी की गहराई, क्या आप जानते हैं उस शहर का नाम?

भारत में गंगा नदी को मां का दर्जा दिया जाता है और इसमें हर साल करोड़ों लोग स्नान करने आते हैं. लोग गंगा में डुबकी लगाकर खुद को पवित्र मानते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इतनी बड़ी और लंबी नदी सबसे ज्यादा गहरी कहां पर है? ज्यादातर लोगों को लगता है कि हरिद्वार या वाराणसी जैसे धार्मिक शहरों में गंगा सबसे गहरी होगी, लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग है. आइए जानते हैं इशके बारे में पूरी जानकारी.
गंगा नदी की कुल लंबाई करीब 2525 किलोमीटर मानी जाती है. यह उत्तराखंड के गंगोत्री हिमनद से निकलती है और आगे चलकर भागीरथी और अलकनंदा नदियों के मिलने से गंगा का रूप लेती है. यहां से यह हरिद्वार, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, पटना और भागलपुर जैसे कई शहरों से होते हुए बहती है और आखिर में पश्चिम बंगाल के सुंदरवन के रास्ते बंगाल की खाड़ी में जाकर मिल जाती है.
गंगा नदी की औसत गहराई करीब 15 से 20 मीटर यानी लगभग 50 से 65 फीट मानी जाती है. हालांकि यह गहराई हर जगह एक जैसी नहीं रहती. नदी जहां से गुजरती है, वहां की मिट्टी, बहाव की रफ्तार और जमीन की बनावट के हिसाब से गहराई घटती-बढ़ती रहती है. पहाड़ी इलाकों में जहां नदी तेज बहाव के साथ नीचे उतरती है, वहां गहराई कम होती है, जबकि मैदानी इलाकों में जहां नदी चौड़ी होकर धीरे बहती है, वहां गहराई ज्यादा देखी जाती है.
कई रिपोर्ट्स के अनुसार, गंगा नदी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सबसे ज्यादा गहरी है, जहां इसकी गहराई करीब 33 मीटर यानी 108 फीट तक बताई जाती है. ज्यादातर लोगों को लगता है कि हरिद्वार या उत्तराखंड में गंगा सबसे गहरी होगी, क्योंकि वहां से नदी शुरू होती है, लेकिन असल में ऐसा नहीं है. प्रयागराज में गंगा नदी का संगम यमुना नदी से होता है, जिसकी वजह से यहां पानी की मात्रा और गहराई दोनों बढ़ जाती है. यही कारण है कि यहां डुबकी लगाना बाकी जगहों के मुकाबले थोड़ा ज्यादा सावधानी वाला काम माना जाता है.
प्रयागराज के अलावा कुछ रिपोर्ट्स में वाराणसी को भी गंगा नदी का गहरा हिस्सा बताया गया है. रिपोर्ट के अनुसार वाराणसी के पास गंगा का काफी गहरा हिस्सा पाया जाता है, जहां कुछ घाटों के आसपास गहराई 30 मीटर से भी ज्यादा मापी गई है. इसके अलावा पटना के आसपास भी कुछ जगहों पर गंगा की गहराई ज्यादा बताई जाती है.
बरसात के मौसम में गंगा नदी की गहराई और भी बढ़ जाती है, क्योंकि पहाड़ों पर बर्फ पिघलने और भारी बारिश होने से नदी में पानी की मात्रा काफी बढ़ जाती है. ऐसे में जो जगहें पहले से ही गहरी मानी जाती हैं, जैसे प्रयागराज और वाराणसी, वहां मानसून के दौरान पानी का बहाव और भी तेज हो जाता है. यही वजह है कि बारिश के मौसम में इन शहरों में गंगा स्नान करते समय लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.