कौन-सी मुर्गी देती है हरा अंडा और कौन-सी नीला अंडा? नाम जान लेंगे तो चौंक जाएंगे

कौन सी मुर्गियां हरे और नीले अंडे देती हैं
नीले रंग का अंडा देने वाली मुर्गियों का नाम अरौकाना है, जो कि चिली में पाई जाती हैं. वैसे तो ये देखने में आम मुर्गियों की तरह ही होती हैं, लेकिन उनके कानों पर पंख पाए जाते हैं और उनकी पूंछ नहीं होती है.
ये मुर्गियां नीले रंग के साथ-साथ हरे रंग के अंडे देने के लिए भी जानी जाती हैं. पहली बार 1914 में स्पेन के पक्षी वैज्ञानिक Salvador Castell ने इस मुर्गी को देखा था. यह मुर्गी अरौकाना में देखी गई थी, इसीलिए इसका नाम अरौकाना रख दिया गया.
इन मुर्गियों के नीले रंग के अंडे की सही वजह का तो पता नहीं लग पाया है, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि चिकन में रेट्रोवायरस के हमले की काफी आशंका होती है.
ये वो वायरस होते हैं, जो कि सिंगल RNA होते हैं और मुर्गियों में प्रवेश करके उनमें जीनोम की संरचना को बदल देते हैं. इन रेट्रोवायरस को EAV-HP कहा जाता है.
जींस की संरचना में बड़े बदलाव की वजह से चिकन के अंडे नीले रंग के हो जाते हैं, लेकिन वायरस के अटैक के बाद भी उन अंडों को खाना सुरक्षित माना जाता है और लोग शौक से इन अंडों को खाते हैं.
हरे अंडे देने वाली मुर्गियों में ऑलिव एगर (Olive Egger) का भी नाम शामिल है. ऑलिव एगर मुर्गी भूरे और नीले रंग के अंडे देने वाली मुर्गियों के क्रॉस से बनी होती है, इसीलिए ये जैतून-हरे रंग के अंडे देती है.
यह मुर्गियों की एक संकर नस्ल है जो कि अरौकाना और मारांस के क्रास से बनाई जाती है. ये मुर्गियां अच्छी मात्रा में हरे रंग के अंडे देती हैं, जो कि औसतन 4-6 बड़े अंडे हर सप्ताह हो सकते हैं.