दुनिया में कब पैदा हुआ था रेडिएशन लीक का सबसे बड़ा खतरा, मुसीबत में पड़ गई थी लाखों लोगों की जान
चेनोर्बिल न्यूक्लियर प्लांट में हुए हादसे के बाद से इतना भीषण रेडिएशन फैला था कि करीब 50 लाख लोग इसकी चपेट में आ गए थे.
रेडिएशन की वजह से कैंसर और कई गंभीर बीमारियों का खतरा हो गया था और इसकी चपेट में 4000 से ज्यादा लोग आ गए थे.
दरअसल 26 अप्रैल को पावर प्लांट फेल होने को लेकर टेस्टिंग तैयारी चल रही थी. इस दौरान यह देखना था कि अगर किसी भी वजह से बिजली की सप्लाई रुक जाती है, तो क्या मशीनें काम करेंगी या नहीं.
इसके अलावा यह भी देखना था कि बिजली जाने पर टर्बाइन चलेगी या नहीं, अगर चलेगी तो यह कितनी देर तक चलेगी. अगर बिजली बनती है तो रिएक्टर को ठंडा करने वाली मशीन कितनी देर चलेगी.
इसीलिए रात में करीब 1.30 बजे टर्बाइन कंट्रोल करने वाला वॉल्व हटा लिया गया और इमरजेंसी में रिएक्टर को ठंडा करने वाला सिस्टम भी बंद कर दिया गया था.
इसके अलावा किसी इमरजेंसी के दौरान रिएक्टर में न्यूक्लियर फ्लूजन को रोकने वाला स्विच भी बंद कर दिया गया. बस यहीं पर सारी गड़बड़ हो गई और न्यूक्लियर फ्यूजन आउट ऑफ कंट्रोल हो गया.
इसमें इतना भयानक ब्लास्ट हुआ कि इसकी तीव्रता हिरोशिमा नागासाकी पर गिरे बमों से भी ज्यादा थी. तुरंत न्यूक्लियर रेडिएशन फैलने लगा और 40 लोगों की मौत हो गई. साथ ही कई लोग जल गए थे. इसके अलावा लोग कैंसर की चपेट में आ गए थे और 2.5 लाख करोड़ का नुकसान हुआ था.