क्या सड़े हुए फलों को खाने से भी हो सकता है शराब वाला नशा? जान लीजिए जवाब
अब सवाल यह है कि अगर शराब को सड़े हुए फलों के जरिए बनाया जाता है, तो क्या अगर कोई सड़े हुए फल खा ले तो उसे शराब जैसा नशा हो सकता है? चलिए इसका जवाब जानें.
वैसे तो सड़े हुए फल खाना सेहत के बिल्कुल भी अच्छा नहीं होता है, लेकिन अगर कोई इनको खा ले तो इससे नशा तो होता है, लेकिन बहुत कम मात्रा में.
इसका नशा इतना ज्यादा नहीं होता है कि किसी को शराब वाला नशा फील हो. दरअसल सड़े फलों में प्राकृतिक रूप से इथेनॉल मौजूद होता है, जो कि खमीर के द्वारा शर्करा के फर्मेंटेशन से बनता है.
हालांकि सड़े फलों में इथेनॉल की बहुत कम मात्रा होती है. शरीर बहुत जल्दी इथेनॉल को चयापचय कर देता है, इसीलिए यह बहुत ज्यादा वक्त तक ब्लड फ्लो में टिक नहीं पाता है.
सड़े हुए फलों में फफूंद जैसे हानिकारक पदार्थ भी होते हैं, इसलिए नशे आदि के लिए भी इसका सेवन सेहत के लिए बहुत खतरनाक होता है.
कुछ फलों की बात करें जैसे पका केला और अंगूर में नेचुरल इथेनॉल मौजूद होता है, लेकिन उनमें भी इसकी बहुत कम मात्रा होती है.
बीयर और वाइन ऐसी शराब होती हैं, जो कि फर्मेंटेशन के द्वारा ही बनाई जाती है. ये फलों को सड़ाकर तैयार की जाती हैं.