एयरपोर्ट, स्कूल या फ्लाइट में बम की धमकी मिलने पर क्या होता है प्रोटोकॉल? ऐसे होता है एक्शन

सोशल मीडिया के इस दौर में इनफॉरमेशन का संचार काफी आसान हो चुका है. अब किसी को कहीं भी कोई खबर देनी होती है तो कुछ ही देर में वह पूरी दुनिया तक अपनी खबर पहुंचा सकता है. बहुत से लोग इस चीज का गलत इस्तेमाल भी कर रहे हैं.
सोशल मीडिया के जरिए लोग फेक न्यूज़ को भी काफी फैला रहे हैं. तो कई बार लोग इसके सहारे झूठी बम विस्फोट की धमकी भी देते हैं. पिछले तीन दिनों में ही भारत में एक दर्जन से ज्यादा विमानों को बम विस्फोट धमकी दी जा चुकी है.
कई लोग अराजकता फैलाने के लिए और माहौल खराब करने के लिए इस तरह की धमकियां देते हैं. कोई किसी स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी देता है. तो कोई एयरपोर्ट में बम रखने की धमकी देता है. तो कोई प्लेन में बम रखने की बात करता है.
बम की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल फाॅलो किए जाते हैं. धमकी के बाद तुरंत ही पुलिस को सूचना दी जाती है. इसके बाद पुलिस बम स्क्वॉड को सूचित करती है. बम स्क्वायड और डॉग स्क्वायड मिलकर उस जगह की अच्छे से तलाशी लेते हैं.
धमकी अगर स्कूल को दी गई या फिर एयरपोर्ट को ऐसे में इन जगहों को खाली करवाया जाता है. पूरी जांच होने के बाद ही यहां लोगों को वापस आने की इजाजत दी जाती है. वहीं विमान में बम की धमकी मिलने पर विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करवानी पड़ती है.
वहीं सरकार धमकी देने वाले का पता भी लगती है. इसके लिए काम करती हैं. और जिस सोर्स के जरिए धमकी दी गई है. वहां से उस धमकी देने वाले को ट्रेस किया जाता है. इसके बाद धमकी देने वाले को पकड़ती हैं. और तहकीकात करती.
सरकार इस तरह के आरोपियों पर कार्रवाई करती है बम की धमकी देना एक बेहद संजीदा क्राइम है भारतीय दंड संहिता की धारा 505(2) जनता के बीच डर फैलाने, धारा 507 यानी गुमनाम संचार माध्यम से आपराधिक धमकी देने के तहत मामला दर्ज किया जाता है. ऐसे मामलों में आखिरी फैसला अदालत का होता है.