20 रुपये की बोतल में सच में मिनरल वॉटर है या नल का पानी, आखिर कैसे चलता है पता
बाजार में 20 रुपये में पानी की बोतल बेचने वाली कई कंपनियां हैं, जो कि सस्ते दामों में ठंडा पानी उपलब्ध कराती हैं. लोग भी नल का पानी पीने के बजाय इन्हीं मिनरल वॉटर बॉटल पर निर्भर होते हैं.
लेकिन यह बोतलबंद पानी क्या सच में मिनरल वॉटर होता है, या फिर इसमें नल का पानी भर के बेच दिया जाता है. इसको कैसे पता किया जाए.
इसको जानने के लिए आपको बोतल पर लिखे PWS शब्द को खोजना और समझना जरूरी है. दरअसल कुछ वक्त पहले अमेरिका की एक कंपनी ने इस बात को स्वीकार किया था कि उनकी बोतलों में मिनरल वॉटर नहीं, बल्कि नल का पानी है.
इसके बाद ही कंपनी ने यह आदेश दिया था कि वे अब हमेशा अपनी पानी की बोतलों पर PWS लिख देंगे. इसका मतलब होता है पब्लिक वॉटर सोर्स.
इसका मतलब होता है कि यह पानी किसी सार्वजनिक जल स्रोत जैसे कि नल से लिया गया होता है, न कि मिनरल वॉटर होता है.
इसीलिए अब से जब भी आप पानी की बोतलें खरीदें तो उस पर PWS लिखा है कि नहीं, इस बात की जांच जरूर कर लें.
हर पानी की बोतल पर उसका सोर्स जरूर लिखा होता है. इसलिए बोतल पर लिखे मिनरल वॉटर और स्प्रिंग वॉटर जैसे शब्दों को जरूर देख लें. इसके अलावा ISI मार्क और FSSAI भी जरूर देखें.