Animals Hibernate In Summer: गर्मी शुरू होते ही गहरी नींद में चले जाते हैं ये जानवर, क्या पूरे सीजन नहीं खाते खाना?
इस लिस्ट में पहला नाम मेढ़क का है. मेढ़क ज्यादा तेज गर्मी होने पर पानी में ठंडी जगह पर सोने के लिए चले जाते हैं और बरसात के वक्त बाहर निकलते हैं. ये पानी में ही छोटे-छोटे जंतुओं का शिकार करके खाते हैं.
घोंघे का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है. ये घोंघे अपने खोल में चले जाता हैं और छेद को कीचड़ से बनी एक स्किन से ढंक लेते हैं, जिससे कि अंदर नमी बनी रहती है और वो जिंदा रहते हैं.
जो कछुए रेगिस्तान में पाए जाते हैं, वो ज्यादा गर्मी होने पर बिल में छिप जाते हैं. ये कछुए ज्यादा गर्मी से बचने के लिए बिल में घुसे रहते हैं और अपने नाखूनों से उसे ढंक लेते हैं.
मगरमच्छ ठंडे खून वाला जानवर है, इसीलिए वो बहुत ज्यादा तापमान सहन नहीं कर पाते हैं. यही वजह है कि शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए वो गर्मियों में पानी में पड़े रहते हैं.
हेजहॉग गर्मियों में हाइबर्नेट करते हैं. ये ठंडी और अंधेरी जगह देखकर वहां सो जाते हैं. उनकी दिल की धड़कन और सांस धीमे हो जाती है और उनका बॉडी टेम्प्रेचर भी कम हो जाता है. ये इस तरीके से छह हफ्ते तक सो सकते हैं.
लंगफिश ऐसी मछली है जो कि हवा में भी सांस लेती है. ये कम गहराई वाले पानी में रहती है. जिन नदियों में रहती हैं, अगर गर्मियों के मौसम वो सूखने लगती हैं तो ये हाइबर्नेट करती हैं. ये नदी की तलहटी की मिट्टी में छिप जाती हैं और ये इस तरीके से चार साल तक रह सकती हैं.
टाइगर सैलामैंडर सूखे रेगिस्तानी वातावरण में खुद को मिट्टी में दबा लेते हैं और बारिश होने के बाद ही वहां से बाहर निकलते हैं.