जापान पर तीसरा परमाणु बम भी गिराने वाला था अमेरिका? जानें क्या है इसका सच

6 अगस्त 1945 मानव इतिहास का वह काला दिन है जब जापान के हिरोशिमा पर अमेरिका ने परमाणु बम गिरा दिया था. इसके तीन दिन के बाद अमेरिका ने एक बार फिर नागासाकी पर परमाणु हमला किया. दोनों हमलों में ये दोनों शहर लगभग पूरी तरह खत्म हो गए थे. इतिहास में किया गया यह सबसे निर्मम अपराध था, जिसका जिम्मेदार अमेरिका था. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अमेरिका जापान पर तीसरा परमाणु बम भी गिराने वाला था. चलिए इसकी सच्चाई जानें.
संयुक्त राज्य अमेरिका ने जापान पर तीसरा परमाणु बम गिराने की योजना बनाई थी. अगर नागासाकी पर हुए परमाणु हमले के बाद जापान आत्मसमर्पण नहीं करता तो अमेरिका तीसरा बम गिराने के लिए तैयार था.
अमेरिका के तीसरा परमाणु बम गिराने की योजना थी, जिसने जापान को आत्मसमर्णण के लिए मजबूर किया.
वैसे तो तीसरे परमाणु बम गिराने का संभावित लक्ष्य टोक्यो को माना जा रहा था, लेकिन अंतिम निर्णय उच्च अधिकारियों पर था.
अमेरिका ने इसके लिए बम पूरी तरह से तैयार कर लिया था और 10 अगस्त 1945 को एक कमांडर ने बनाने की सिफारिश की थी.
हालांकि नागासाकी पर बम गिराने के बाद जापान ने पूरी तरह से आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद अमेरिका ने कभी उस बम को नहीं गिराया.
फैट मैन और लिटिल बॉय ये दो वो परमाणु हथियार थे, जिनको अमेरिका ने तैयार करके हिरोशिमा और नागासाकी पर गिराया था और इंसानी इतिहास की भयानक तबाही बनाया.
हिरोशिमा का विस्फोट इतना भयानक था कि सिर्फ एक मिनट में शहर का 80 फीसदी हिस्सा राख में तब्दील हो गया. जो लोग बचे उनको खतरनाक रेज और काली बारिश ने अपनी चपेट में ले लिया.