बंद हो गई ब्रिटेन की शाही ट्रेन, कैसा था इसका इंटीरियर और हर साल कितना होता था खर्च; सब कुछ जानिए
महारानी विक्टोरिया के आदेश पर शुरू की गई रॉयल ट्रेन उस दौर में औद्योगिक क्रांति के लिए बहुत महत्वपूर्णं मानी गई थी. आधुनिक संसाधनों के बीच शाही परिवार की सुरक्षा को देखते हुए इस ट्रेन का निर्माण किया गया था.
शुरुआत में तो ट्रेनें भाप के जरिए चलाई जाती थीं. उस वक्त इसको कीमती लकड़ी, हस्तशिल्प और शाही प्रतीकों के जरिए सजाया गया था. इस ट्रेन के डिब्बे एक चलता-फिरता महल जैसे थे.
इसमें खास बेडरूम, बाथरूम, शाही रसोई, डाइनिंग जैसी सुविधाएं मौजूद थीं. यह ट्रेन शाही परिवार को आराम और भव्यता का अनुभव कराती थी. शाही परिवार के सदस्यों के लिए ट्रेन सुरक्षित परिवहन थी.
खबरों की मानें तो यह रॉयल ट्रेन अपने शुरुआत से लेकर आधुनिक समय तक ब्रिटिश राजशाही की गरिमा के हिसाब से ही चलती थी. इस ट्रेन में पहले नौ डिब्बे थे, बाद में इसमें तीन डिब्बे और जोड़कर उनको भी शाही जरूरत के हिसाब से बनाया गया था.
इस ट्रेन के इंटीरियर में महंगे फर्नीचर, आलीशान बेड, कालीन, खूबसूरत पर्दे, जगमगाती लाइटें, चमचमाते दरवाजे इसे एक महल जैसी छवि के रूप में दिखाते हैं. सुरक्षा की बात करें तो ट्रेन में खास निगरानी कैमरे, गोपनीय संचार जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जाता रहा है.
रॉयल ट्रेन के रखरखाव और संचालन में सालाना करोड़ों पाउंड का खर्चा आता है. इसमें रखरखाव, टेक्निकल चीजें, स्टाफ की सैलरी, सुरक्षा जैसी चीजें शामिल हैं. इन खर्चों को ब्रिटिश टैक्सपेयर के पैसे से पूरा किया जाता था.
रॉयल ट्रेन का रिटायर होना ब्रिटेन के शाही इतिहास के एक युग का अंत है. इस ट्रेन के महंगे रखरखाव और संचालन के खर्चे को लेकर समय समय पर आलोचना होती रही है कि टैक्सपेयर के पैसे से इतनी महंगी ट्रेन क्यों चलाई जा रही है.