हीरो बनने के लिए जानबूझकर MBBS एग्जाम में फेल हुआ था ये एक्टर, अब लगा दिया नेशनल अवॉर्ड्स का ढेर

दरअसल मनोज बाजपेयी हैं. जो अपनी अदाकारी से आज करोड़ों लोगों के फेवरेट बन चुके हैं. आज मनोज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मनोज की इस सफलता के पीछे उनके मन में बसा बचपन का वो सपना है जिसमें सिर्फ वो एक्टर बनना चाहते थे. यहां तक कि वो एमबीबीएस एंट्रेंस के एग्जाम में जानबूझकर फेल हो गए थे. आज कुछ ऐसे ही किस्से आपको बताएंगे.
आप की अदालत में पहुंचे मनोज बाजपेयी ने खुद अपनी जिंदगी के कई दिलचस्प किस्सों का जिक्र किया था. उन्होंने बताया था कि मैंने एक्टर बनने के लिए ही एमबीबीएस एंट्रेंस का एग्जाम जानबूझकर खराब कर दिया था.
मनोज बाजपेयी ने ये खुलासा करते हुए बताया था कि, ‘मैं एनएसडी में दाखिले के लिए दिल्ली आना चाहता था. मेरे पैरेंट्स चाहते थे कि मैं यूपीएससी दूं.’
मनोज बाजपेयी ने बताया कि, ‘मुझे एनएसडी में तीन बार रिजेक्ट कर दिया गया था. जिसके बाद मैं डिप्रेशन में चला गया था.’
एक्टर का कहना है कि, ‘मैं मुंबई आने से पहले बैरी जॉन की वर्कशॉप में शामिल हुआ और अपने हुनर को तराशा. मुंबई आया तो चॉल में रहना शुरू किया और छोटे मोटे किरदार निभाए.’
मनोज बाजपेयी अपने करियर में अब तक चार बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके हैं. पहली बार साल 1998 में फिल्म सत्या में अपने किरदार भीखू म्हात्रे के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला था.
फिर साल 2004 में पिंजर के लिए दूसरा और फिर 2020 में भोंसले के लिए तीसरा नेशनल अवॉर्ड मिला. अब 2024 में उन्हें गुलमोहर के लिए चौथी बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला है.
बता दें कि मनोज बाजपेयी फिल्मों के साथ-साथ 'द फैमिली मैन' जैसी सुपरहिट फिल्मों में भी नजर आ चुक हैं.