जातीय जनगणना पर चल रहे बवाल पर क्या बोल गए योगेंद्र यादव, हर तरफ वीडियो की चर्चा

जातीय जनगणना पर क्या बोले योगेंद्र यादव
लोकसभा सदन में बजट सत्र के दौरान अनुराग ठाकुर द्वारा जाति पर सवाल पूछने के बाद तो जैसे अखिलेश यादव ने सदन में बवाल मचा दिया. राहुल गांधी ने कहा कि आप मेरी कितनी भी इंसल्ट कर लें, लेकिन मैं जातीय जनगणना करवा कर रहूंगा.
न्यूज तक की रिपोर्ट के मुताबिक जातीय जनगणना को लेकर राजनीतिक विश्लेषक और कांग्रेस के करीबी योगेंद्र यादव ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि राहुल गांधी के कास्ट को लेकर बयानों की पूरी हिस्ट्री खोल दी गई है, लेकिन बीजेपी के बयानों की भी हिस्ट्री दिखानी चाहिए.
योगेंद्र यादव ने कहा कि राजनाथ सिंह ने 2018 में सदन में इस बात का वादा किया था कि ओबीसी की गणना की जाएगी. वहीं 2010 में पूरे सदन ही नहीं बल्कि भाजपा ने भी सर्वसम्मति के साथ एक लेटर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दिया था कि उनकी पार्टी जातीय जनगणना को सपोर्ट करती है.
योगेंद्र यादव ने कहा कि जाति में विश्वास न करना और जातीय जनगणना की इच्छा रखने में कोई विरोधाभास नहीं है और मेरी भी यही स्थिति है. योगेंद्र यादव ने कहा कि मैं और मेरी पत्नी, हम दोनों ने ही अपने बच्चों के कास्ट का नाम नहीं रखा, क्योंकि हम इसमें विश्वास नहीं करते. मैं जाति में विश्वास नहीं करता. मैं जाति को खत्म करना चाहता हूं.
योगेंद्र यादव ने कहा कि एक मॉडर्न और सेंसिबल व्यक्ति होते हुए मैं चाहता हूं की जातीय जनगणना हो. उन्होंने कहा कि यह कोई बड़ी बात नहीं है पूरे देश में होने वाली जातीय जनगणना की लिस्ट में केवल एक कॉलम को जोड़ देगा, इसमें ना कोई लागत होगी ना ही कोई प्रयास की जरूरत.
योगेंद्र यादव ने कहा कि जातीय जनगणना हमें इस देश के प्रत्येक सामाजिक समूह की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक प्रोफाइल का सबूत देगी. इसकी मांग तो न्यायालय और न्यायपालिका कई सालों से कर रहे हैं.
योगेंद्र यादव ने कहा कि लोग कहते हैं कि कुछ समुदायों को एससी, एसटी और ओबीसी की सूची से बाहर कर दिया जाना चाहिए, क्योंकि उनके पास पहले से ही सब कुछ है. इसलिए जातीय जनगणना होना बहुत जरूरी है, जिससे हमें पता चल जाएगा. हम इसमें सुधार भी कर सकते हैं.