Agnipath Scheme: चुनावी चक्कर में 'यू-टर्न गवर्नमेंट' बनती जा रही मोदी सरकार? अब इस योजना में फेरबदल पर कर रही गहरा विचार
तीन राज्यों (हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड) और एक केंद्र शासित प्रदेश (जम्मू और कश्मीर) में विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए सरकार सेना भर्ती से जुड़ी अग्निपथ योजना को लेकर मंथन में जुटी है.
मीडिया हाउस 'इंडिया टुडे ग्रुप' को डिफेंस सेक्टर से जुड़े सूत्रों ने यह बताया कि केंद्र सरकार अब अग्निवीरों की संख्या बढ़ाने और उनके वेतन के साथ पात्रता में बदलाव को लेकर विचार-विमर्श कर रही है.
अग्निपथ स्कीम में मौजूदा व्यवस्था के तहत फिलहाल 25% अग्निवीर ही स्थाई (पक्के) किए जाते हैं. यही वजह है कि योजना से जुड़े इस रिटेंशन फॉर्मूला का बड़े स्तर पर देश में खास विरोध देखने को मिला.
सूत्रों के मुताबिक, भर्ती से जुड़ी योजना के विरोध के कारण केंद्र सरकार अब 25% के आंकड़े को बढ़ाकर 50% करने का मन बना रही है. अगर ऐसा हो गया तब तो ज्यादा अग्निवीर सेवा में परमानेंट हो पाएंगे.
यह भी बताया गया कि अग्निवीरों के एनटाइटलमेंट और एमॉलूमेंट्स में भी बदलाव को लेकर सोच-विचार जारी है. स्ट्रक्चर और बेनेफिट बेहतर किए जा सकते हैं. हालांकि, ऐसा कब होगा? यह साफ नहीं है.
संभावित फेरबदल को लेकर सूत्रों ने जानकरी दी कि अग्निपथ योजना से जुड़े बदलावों को लागू करने में देरी हो सकती है पर फीडबैक के हिसाब से स्कीम को बेहतर बनाने के लिए कदम जरूर उठाए जाएंगे.
रोचक बात है कि चार जून 2024 को आम चुनाव के नतीजों के बाद 13 जून को खबर आई थी कि सचिवों का समूह अग्निपथ योजना की समीक्षा कर रहा है और वह इसे और आकर्षक बनाने की तैयारी में है.
हालांकि, 17 जून, 2024 को अग्निपथ योजना को बदलाव के साथ फिर से शुरू करने की खबर (सोशल मीडिया पर सैनिक सम्मान योजना से जुड़ी खबर) को मोदी सरकार ने सिरे से फर्जी करार दिया था.
अगर केंद्र अग्निपथ स्कीम में भी बदलाव करता है तब यह मोदी 3.0 का एक और यू-टर्न माना जाएगा. राजनीतिक एक्सपर्ट्स की मानें तो चुनाव में बड़ा नुकसान झेलने के बाद बीजेपी सावधानी बरत रही है.