Teen Study Tips : बच्चों की स्टडी टेबल पर न रखें ये 5 आइटम्स, पढ़ाई पर पड़ता है भारी असर, यहां देखें पूरी लिस्ट

Teen Study Tips : आज के डिजिटल दुनिया में बच्चों के लिए खासकर टिनेजर्स के लिए पढ़ाई के दौरान ध्यान लगाना बहुत मुश्किल हो गया है. स्मार्टफोन, गेम्स, सोशल मीडिया और कई दूसरी चीजें उनकी पढ़ाई में बड़ी रुकावट डाल सकती हैं. ऐसे में एक व्यवस्थित, साफ-सुथरी और डिस्टरबेंस फ्री स्टडी टेबल बच्चों के फोकस, याददाश्त और पढ़ाई को बढ़ाने में मदद करती है. अगर स्टडी टेबल पर कुछ ऐसी चीजें रखी हों जिससे ध्यान दूसरी जगह जाए, तो बच्चे चाहे कितनी भी मेहनत करें, उनका फोकस कम रहेगा. ऐसे में आइए आज हम आपको बताते हैं कि बच्चों की स्टडी टेबल पर कौन से 5 आइटम्स न रखें.
मोबाइल फोन आज के समय में सबसे बड़ा डिस्ट्रैक्शन है. सोशल मीडिया, मैसेज, गेम्स और वीडियो के नोटिफिकेशन बच्चे का ध्यान डिस्ट्रिक्ट कर सकते हैं. यहां तक कि अगर मोबाइल फोन टेबल पर रखा हो, तो बच्चे का मन हर समय नोटिफिकेशन की उम्मीद करता रहता है. इससे पढ़ाई में फोकस कम हो जाता है. इसलिए पढ़ाई के समय मोबाइल फोन को दूसरी जगह रखें, ताकि बच्चे का ध्यान सिर्फ पढ़ाई पर रहे.
स्टडी टेबल पर चिप्स, चॉकलेट और कोल्ड ड्रिंक जैसी चीजें रखना भी सही नहीं है. बच्चे पढ़ते समय खाते हैं और इससे फोकस डिस्ट्रिक्ट हो जाता है. जंक फूड से स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है. इसकी जगह टेबल के पास फल और पानी जैसी हेल्दी चीजें रखें, जिससे बच्चे एक्टिव और फोकस्ड रहें. हेल्दी स्नैक्स और पानी का ग्लास हमेशा आसानी से उपलब्ध रखें.
कई बार बच्चे अपने टेबल पर पेन, पेंसिल, मार्कर, पोस्ट-इट नोट्स बहुत सारी चीजें रख देते हैं. इससे टेबल अव्यवस्थित हो जाता है और मन भी अशांत हो जाता है. मानसिक रूप से अव्यवस्था से फोकस कम हो जाता है. ऐसे में टेबल पर सिर्फ जरूरी किताबें, पेन और नोटबुक रखें. बाकी स्टेशनरी को अलमारी या ड्रा में रखें.
गेमिंग कंसोल, हैंडहेल्ड गेमिंग डिवाइस या कंट्रोलर टेबल पर रखने से बच्चे का ध्यान पढ़ाई से हट सकता है. गेमिंग डिवाइस को देखकर बच्चे का मन खेलने की तरफ जाता है. इससे पढ़ाई के समय में कमी आती है और ध्यान भटकता है. गेमिंग डिवाइस को किसी और कमरे या अलमारी में रखें.
कई बच्चे अपनी स्टडी टेबल पर नोट्स लगाते हैं जैसे पढ़ो नहीं तो फेल हो जाओगे या एक्साम तक फोन नहीं. ऐसे नोट्स बच्चों के लिए तनाव और डर पैदा कर सकते हैं. मानसिक रूप से दबाव और चिंता बढ़ती है, जिससे पढ़ाई पर असर पड़ता है. नेगेटिव नोट्स की जगह पॉजिटिव कोट्स और प्रेरक संदेश लगाएं. इससे कॉन्फिडेंस बढ़ता है और पढ़ाई सही से होती है.