कई मुश्किलों के बाद एक Vlog ने बदली सौरव जोशी की किस्मत, आज लाखों लोगों के दिलों पर कर रहे राज, बेहद दिलचस्प है कहानी
सौरव जोशी का जन्म 1999 में उत्तराखंड के कौसानी में हुआ था. परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था. सौरव जोशी के पिता काम की तलाश में दिल्ली आ गए थे. सौरव के साथ उनके पिता, माता, भाई, चचेरा भाई और दादा-दादी भी रहते थे. सौरव जोशी के पिता दिल्ली से हरियाणा के हासी शहर चले गए, जहां उन्होंने पीओपी का काम किया. सौरव ने 12वीं क्लास तक कई स्कूल बदले.
सौरव को इंटर में अच्छे मार्क्स नहीं मिले, जिससे उन्हें करियर की चिंता होने लगी. फिर उन्होंने लोगों की सलाह मानकर डिजाइनिंग और आर्किटेक्चर के फील्ड में करियर बनाने के लिए दिल्ली का रुख किया.
कोचिंग के दौरान उन्होंने विजुअल रिप्रजेंटेशन और पर्सपेक्टिव ड्रॉइंग सीखी, जिससे उनकी ड्रॉइंग में दिलचस्पी बढ़ गई. हालांकि, आर्किटेक्चर में उनका सिलेक्शन नहीं हुआ और वे घर वापस आ गए. जहां उन्होंने अपने पिता के साथ पीओपी का काम करना शुरू कर दिया.
सौरव ने लगातार ड्रॉइंग बनाना जारी रखा. भाई की सलाह पर उन्होंने YouTube पर वीडियो बनाना शुरू किया. शुरुआत में सफलता नहीं मिली, लेकिन आखिरकार सौरव ने एक vlog चैनल बनाया.
लॉकडाउन के दौरान उन्होंने एक दिन अपने पूरे परिवार के साथ एक ड्राइंग वीडियो अपलोड किया. जिसके बाद इस वीडियो ने सौरव जोशी और उनके परिवार की किस्मत ही बदल दी. आज सौरव किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं हैं.