फर्स्ट अटेम्प्ट में फेल, दूसरे में चोट के बाद नहीं मानी हार, प्राची ने ऐसे रचा इतिहास

UPSC Success Story: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को देश के सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है. इसमें सफलता हासिल करने के लिए उम्मीदवार को लंबे समय तक लगातार मेहनत और धैर्य बनाए रखना पड़ता है. वहीं यूपीएससी की तैयारी में कई बार एक या दो प्रयास में सफलता मिलने के बाद उम्मीदवार का हौसला टूट जाता है, लेकिन कुछ ऐसे उम्मीदवार भी होते हैं, जो मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद अपनी तैयारी जारी रखते हैं.
प्राची जैन की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिन्हें पहले प्रयास में असफलता मिली और दूसरे प्रयास के दौरान चोट का सामना करना पड़ा. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार यूपीएससी पास का इतिहास रच दिया.
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर की प्राचीन जैन को पहले प्रयास में प्रीलिम्स में असफलता मिली थी. इसके बाद दूसरे प्रयास में पैर में फ्रैक्चर और इंटरव्यू के बाद फाइनल लिस्ट में जगह न बना पाने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. वहीं इसके बाद आखिरकार उन्होंने यूपीएससी सीएसई 2025 में ऑल इंडिया रैंक 714 हासिल करी.
हालांकि प्राची के लिए यह सफलता सफर का अंत नहीं है. वह 2027 में एक बार फिर यूपीएससी परीक्षा देने की तैयारी कर रही है. इस बार उनके पास परीक्षा का एक्सपीरियंस और अपनी कमियों को समझने का कॉन्फिडेंस भी है. प्राची जैन ने अपनी स्कूली पढ़ाई नरसिंहपुर में की. 12वीं के बाद वह भोपाल चली गई, जहां उन्होंने सरोजिनी नायडू गर्ल्स कॉलेज से कॉमर्स से ग्रेजुएशन किया है. इसी दौरान उनके मन में सिविल सर्विसेज में जाने का विचार आया.
अपने जिले में एक सिविल सर्वेंट के काम से वह काफी प्रभावित हुई. लोगों के लिए काम करने और प्रशासन के स्तर पर बदलाव लाने वाले उस अधिकारी को देखकर प्राची ने तय किया कि वह भी सिविल सेवा को अपना करियर बनाएगी. ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी, तीसरे प्रयास में वह तैयारी के लिए दिल्ली पहुंची.
प्राची ने 2023 में पहली बार यूपीएससी सीएसई की परीक्षा दी, लेकिन वह प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाई. उनका मानना था कि उस समय उनकी तैयारी पर्याप्त नहीं थी. पहली असफलता के बाद उन्होंने तैयारी को छोड़ा नहीं, बल्कि अपनी रणनीति में दोबारा काम किया. 2024 में उन्होंने पहले से ज्यादा व्यवस्थित तरीके से परीक्षा की तैयारी की. इस बार उन्होंने प्रीलिम्स और मेन्स दोनों पास कर लिया और इंटरव्यू तक पहुंची, लेकिन इस प्रयास में भी उनके सामने एक बड़ी मुश्किल आ गई.
2024 में परीक्षा की तैयारी के लिए मिलने वाले दो महीना के दौरान प्राची के पैर में फ्रैक्चर हो गया. चोट के कारण उन्हें लंबे समय तक बिस्तर पर रहना पड़ा. जिस समय उन्हें उत्तर लिखने, रिवीजन और परीक्षा की तैयारी पर ध्यान देना था, उस दौरान उनकी तैयारी काफी प्रभावित हुई. इसके बावजूद उन्होंने इंटरव्यू दिया, लेकिन फाइनल रिजल्ट में उनका नाम नहीं आया.
2025 में प्राची ने अपनी तैयारी को और ज्यादा रणनीतिक तरीके से आगे बढ़ाया. उन्होंने अपने मजबूत विषय पर ध्यान दिया. जीएस पेपर 2 और जीएस पेपर 4 को अपनी ताकत मानते, हुए उन्होंने इन पर काम करने के साथ ही उन्होंने सोशियोलॉजी को अपना ऑप्शनल विषय चुना.
प्राची के अनुसार उन्होंने सोशियोलॉजी में काफी मेहनत की, लेकिन उन्हें लगा कि उनकी तैयारी में कुछ कमी रह गई. उनका मानना है कि ऑप्शनल विषय का असर उनकी रैंक पर भी पड़ा. इसके बावजूद इस बार उनका टारगेट फाइनल लिस्ट में अपना नाम देखना था, वहीं आखिरकार उनका यह टारगेट भी पूरा हुआ और यूपीएससी सीएसई 2025 में उन्होंने ऑल इंडिया 714 रैंक हासिल की.
वहीं यूपीएससी सीएसई 2025 में सफलता हासिल करने और ऑल इंडिया रैंक 714 आने के बाद भी प्राचीन ने अपनी तैयारी को खत्म नहीं माना. वह 2027 में फिर से यूपीएससी परीक्षा देने की योजना बना रही है.