NEET पास करके विदेश से भी ले सकते हैं एमबीबीएस की डिग्री, ये देश देते हैं स्कोर को मान्यता

हमारे देश में एमबीबीएस, बीडीए, आयुष और दूसरे तमाम मेडिकल संबंधी कोर्स करने के लिए नीट स्कोर की जरूरत पड़ती है. पर क्या आप जानते हैं कि नीट स्कोर के जरिए आप कुछ फॉरेन कंट्रीज से भी एमबीबीएस कर सकते हैं.
नीट स्कोर के साथ आप रूस, बांग्लादेश, किर्गिस्तान, आर्मेनिया और कैरीबियन द्वीप समूह आदि कई जगहों से एमबीबीएस की डिग्री ले सकते हैं. इसके साथ ही योग्यताएं और भी होती हैं जिन्हें पास करने पर ही आवेदन किया जा सकता है.
जैसे कैंडिडेट को कम से कम 50 परसेंट मार्क्स के साथ पीसीबी विषयों के साथ 12वीं पास होना जरूरी है. एज लिमिट 17 साल है. साथ ही नीट यूजी का स्कोर चाहिए होता है. हालांकि देश के हिसाब से पात्रताओं में थोड़ा-बहुत अंतर हो सकता है, इसकी जानकारी आप संबंधित कॉलेज से ले सकते हैं.
मोटे तौर पर कहें तो आप किसी भी विदेशी धरती से एमबीबीएस करें एमसीआई के नियम के मुताबिक आपके लिए नीट पास होना जरूरी है. इसके साथ ही अंग्रेजी भाषा का ज्ञान भी जरूरी है क्योंकि पढ़ाई इसी लैंग्वेज में होती है. ये हमारे देश का नियम है बाकी आप जिस कंट्री से एमबीबीएस करते हैं वहां के नियमों में कुछ अंतर हो सकता है. हालांकि इंडिया में ही प्रैक्टिस करना चाहते हैं तो यहां के नियम समझना जरूरी है.
इसके लिए आपको IELTS या TOEFL जैसी परीक्षाएं भी पास करनी होती हैं ताकि आप पात्रता सिद्ध कर सकें. हालांकि सभी देश इन स्कोर की मांग नहीं करते और केवल नीट के स्कोर के आधार पर ही एडमिशन दे देते हैं.
कई बार विदेशों से पढ़ाई करना कैंडिडेट्स को सस्ता लगता है. अगर औसत खर्च की बात करें तो रूस से एमबीबीएस 20 से 50 ला रुपये, बांग्लादेश से 25 से 35 लाख रुपये, किर्गिस्तान से 20 से 30 लाख रुपये, आर्मेनिया से 20 से 25 लाख रुपये तक में किया जा सकता है.
ये भी जान लें कि चाहे आप देश से या विदेश से, कहीं से भी एमबीबीएस की डिग्री लें लेकिन मेडिसिन प्रैक्टिस करने से पहले आपको नेशनल एग्जिट टेस्ट पास करना ही होता है. इसके माध्यम से पीजी का रास्ता भी खुलता है.