ट्रेन के TTE को सैलरी ज्यादा मिलती है या स्टेशन के TC को, 8वें वेतन आयोग से किसे ज्यादा फायदा?

रेलवे में सफर करने वाले हर यात्री ने कभी न कभी TTE यानी टिकट परीक्षक और TC यानी स्टेशन टिकट कलेक्टर को देखा होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों की सैलरी में कितना अंतर होता है और 8वें वेतन आयोग से किसे ज्यादा फायदा होगा?
ट्रेन में काम करने वाले टीटीई की सैलरी शहर और क्लास के अनुसार बदलती रहती है. उनका बेसिक पे लगभग 5,200 रुपये से 20,200 रुपये तक होता है.
इसके अलावा टीटीई को X, Y और Z क्लास शहरों के हिसाब से अलग-अलग अलाउंस मिलते हैं. कुल मिलाकर टीटीई की सैलरी 30,000 रुपये से 80,000 रुपये तक जा सकती है.
टीटीई के वेतन में फिटमेंट फैक्टर 1.83 लागू होता है. इसका मतलब है कि बेसिक पे के हिसाब से उनके कुल वेतन में बढ़ोतरी होती है.
8वें वेतन आयोग के अनुसार, टीटीई का पेड मैट्रिक्स लेवल 2 है, जिसमें उनकी बेसिक सैलरी 19,900 रुपये से 36,417 रुपये तक हो सकता है.
स्टेशन पर काम करने वाले टिकट कलेक्टर या टीसी की सैलरी भी शहर और शहर की श्रेणी के अनुसार बदलती है. उनकी बेसिक पे लगभग 21,700 रुपये तक होती है. इसके बाद उन्हें टीए, डीए और एचआरए जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं.
इस तरह टीसी की कुल सैलरी 30,000 रुपये से 1,00,000 रुपये तक जा सकती है. टीसी के वेतन पर भी 8वें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर 1.83 लागू होता है. उनके पेड मैट्रिक्स का लेवल 3 है, जिसमें बेसिक सैलरी 21,700 रुपये से 39,711 रुपये तक आता है.
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