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गुजरात यूनिवर्सिटी में इन स्टूडेंट्स को मिलता है रिजर्वेशन का फायदा, जान लें पूरी डिटेल्स

रजनी उपाध्याय   |  12 Dec 2025 09:02 AM (IST)
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सबसे पहले बात करते हैं एडमिशन लेने वाले एससी यानी अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए 7% सीटें आरक्षित हैं. इसी तरह एसटी (Scheduled Tribe) यानी अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए 15% सीटें आरक्षित रखी गई हैं. इसके अलावा, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग (SEBC) के छात्रों के लिए 27% सीटें निर्धारित हैं.

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दिव्यांग छात्रों (Physically Disabled Students) के लिए 5% सीटें आरक्षित हैं. वहीं, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों के लिए 10% सुपरन्यूमेरी सीटें आरक्षित हैं, जिसमें से 33% सीटें लड़कियों के लिए रखी गई हैं. इसके अलावा, खेल, NSS, NCC और सांस्कृतिक गतिविधियों में योगदान देने वाले छात्रों के लिए 2% सुपरन्यूमेरी सीटें आरक्षित हैं.

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गुजरात यूनिवर्सिटी में पूर्व सैनिक और रक्षा कर्मचारी के बच्चों के लिए भी 1% सीटें आरक्षित हैं. इसके तहत दाखिला लेने वाले छात्रों को संबंधित प्रमाण पत्र पेश करना जरूरी है.

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पूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए प्रमाण पत्र सैन्य कल्याण बोर्ड या जिला सैन्य कल्याण अधिकारी द्वारा जारी किया जाता है. वहीं, सेवा में कार्यरत रक्षा कर्मियों के बच्चों के लिए कमांडिंग ऑफिसर से प्रमाण पत्र लेना आवश्यक है.

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गुजरात यूनिवर्सिटी में कुल सीटों का 90% गुजरात बोर्ड के छात्रों के लिए और 10% अन्य बोर्ड के छात्रों के लिए आरक्षित है. आरक्षित सीटों पर दाखिला लेने वाले छात्रों को अपनी जाति का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा.

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SEBC छात्रों के लिए इसके अतिरिक्त यह प्रमाण पत्र देना जरूरी है कि वह “क्रीमी लेयर” में शामिल नहीं हैं. इस प्रमाण पत्र को राज्य सरकार द्वारा अधिकृत अधिकारी द्वारा जारी किया जाना चाहिए और यह तीन साल तक वैध रहता है.

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