Difference Between CRPF and BSF: CRPF और BSF में क्या है अंतर, किसके जवानों को मिलती है ज्यादा सैलरी?

भारत में आर्मी, पुलिस के अलावा और भी पैरामिलिट्री फोर्स हैं जो देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती हैं. इनमें से एक हैं CRPF और BSF. करीब सभी लोगों ने इनका नाम सुना होगा लेकिन अक्सर बहुत से लोग सोचते हैं कि ये दोनों एक ही फोर्स हैं. सऐसे में आपको बता दें कि भले ही दोनों फोर्स गृह मंत्रालय के अंडर आती हैं, लेकिन दोनों के काम करने का तरीका और जिम्मेदारियां पूरी तरह अलग होती हैं. आइए आपको बताते हैं इनके बीच आखिर क्या फर्क है और किसमें ज्यादा सैलरी मिलती है.
सबसे पहले बात करते हैं CRPF की तो, CRPF का पूरा नाम है सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स है. इसका मुख्य काम देश के अंदर कानून व्यवस्था को बनाए रखना है. जैसे कहीं पर दंगा हो गया, नक्सलियों ने विरोध कर दिया, चुनाव के दौरान सुरक्षा बनाए रखना, वीआईपी को सुरक्षा देना, और यहां तक कि किसी भी राज्य में अगर अशांति जैसी परिस्थिति सामने आती है तो CRPF फोर्स को खड़ा रखा जाता है. कुल मिलाकर CRPF का काम देश के अंदर शांति बनाए रखने का होता है, या कहें तो आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा बनाए रखना.
वहीं दूसरी तरफ BSF की बात करें तो इसका पूरा नाम बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स होता है. इनका मुख्य काम भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर रक्षा करना होता है. खासतौर पर पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगती सीमाओं पर BSF के जवान दिन-रात तैनात रहते हैं. साथ ही ये लोग घुसपैठियों, स्मगलर्स और सीमा से किसी भी चीज को पार होने से रोकते हैं.
अब बात करते हैं सैलरी की, तो इसमें सबसे खास बात यह है कि इन दोनों फोर्स में कांस्टेबल लेवल पर इनकी सैलरी काफी हद तक एक जैसी होती है. क्योंकि इन दोनों को सैलरी 7वें वेतन आयोग के पे लेवल-3 के अंतर्गत मिलती है. CRPF में एक कांस्टेबल की बेसिक सैलरी लगभग 21,700 रुपये से शुरू होती है, जो अलग-अलग अलाउंस के साथ बढ़कर करीब 69,100 रुपये तक पहुंचती है. इसी तरह BSF में भी कांस्टेबल की बेसिक सैलरी 21,700 रुपये से शुरू होकर 69,100 रुपये तक होती है.
इन दोनों की इन-हैंड सैलरी की बात करें तो CRPF कांस्टेबल की इन-हैंड सैलरी आमतौर पर 25,000 रुपये से लेकर 35,000 रुपये के बीच होती है. आर्मी की तरह इस फोर्स में भी पोस्टिंग की जगह के अनुसार सैलरी बदलती रहती है.
वहीं BSF कांस्टेबल की इन-हैंड सैलरी भी लगभग 23,000 से 35,000 रुपये के बीच होती है. यानी कुल मिलाकर इन दोनों फोर्स में इन-हैंड सैलरी में कुछ ज्यादा अंतर देखने को नहीं मिलता है. पर यह सैलरी उनकी पोस्टिंग के हिसाब से बदलती रहती है. यानी बॉर्डर एरिया जैसे मुश्किल इलाकों में तैनात BSF जवानों को हार्ड एरिया अलाउंस के तौर पर थोड़ी अतिरिक्त रकम मिल जाती है, जो उनकी कुल सैलरी को बढ़ा देती है.
अगर बात करें प्रमोशन और करियर ग्रोथ की, तो दोनों ही फोर्स में कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल, फिर एएसआई, एसआई, इंस्पेक्टर और इससे ऊपर के पदों तक प्रमोशन का रास्ता खुला रहता है. जैसे-जैसे रैंक बढ़ती है, वैसे-वैसे सैलरी में भी अच्छा इजाफा होता जाता है. दोनों फोर्स के जवानों को मेडिकल सुविधा, पेंशन, ग्रेच्युटी, फ्री राशन और क्वार्टर जैसी सुविधाएं भी सरकार की तरफ से दी जाती हैं, जिससे नौकरी की सुरक्षा और भी मजबूत हो जाती है.