बच्चों के बेहतर फ्यूचर के लिए करना चाहते हैं निवेश तो आज ही खुलवाएं PPF खाता, जानें स्कीम के नियम और फायदे
आजकल के समय में माता पिता बच्चों के जन्म के साथ ही उनके भविष्य की प्लानिंग में जुट जाते हैं ताकि आगे चलकर बच्चों की पढ़ाई और शादी को लेकर किसी तरह की टेंशन न रहें. वैसे तो मार्केट में बच्चों के लिए निवेश के काफी ऑप्शन्स मौजूद है. लेकिन, आप लॉग टर्म प्लानिंग के बारे में सोच रहे हैं तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड में निवेश कर सकते हैं.
पब्लिक प्रोविडेंट फंड भारत की सबसे फेमस विदेश ऑप्शन्स में से एक है. इस स्कीम में आप 15 सालों के लिए पैसे निवेश कर सकते हैं. बाद में अपनी जरूरत के अनुसार आप इसे पांच साल के लिए आगे भी बढ़ा सकते हैं.
नियमों के अनुसार माता पिता केवल दो बच्चों का ही पीपीएफ अकाउंट एक साथ खुलवा सकते हैं. लेकिन, ध्यान रखें एक माता की देख रेख में खुल सकता है और दूसरा पिता की देखरेख में खुल सकता. कोई एक दोनों अकाउंट की देखरेख नहीं कर सकता.
जब बच्चे नाबालिक होते हैं तो पीपीएफ अकाउंट माइनर कैटेगरी में खुलता है. उनके 18 साल के होने के बाद उसे बालिग के स्टेटस में बदल दिया जाता है. इसके साथ ही 15 साल बाद वह अकाउंट से पैसे निकाल सकता है. ध्यान रखें एक बच्चे का केवल एक ही पीपीएफ अकाउंट खुल सकता है.
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड स्कीम के नियमों के अनुसार आप 3 साल बाद इस पर लोन की फैसिलिटी ले सकते हैं. यह कुल जमा पैसे का 75 प्रतिशत तक लोन के रूप में मिल सकता है. लेकिन, नाबालिग अकाउंट पर लोन केवल बच्चों के खर्चे के लिए ही मिलता है.
इस अकाउंट में हर वित्तीय वर्ष में कम से कम 500 रुपये निवेश करना अनिवार्य है. वहीं ज्यादा से ज्यादा आप 5 लाख तक एक साल में निवेश कर सकते हैं. इस स्कीम के तहत निवेशक को 7.1% रेट ऑफ इंटरेस्ट के रूप में मिलता है. यह रेट ऑफ इंटरेस्ट कंपाउंडेड जो सालाना जमा रकम के अनुसार मिलता है.
बच्चों का पीपीएफ अकाउंट खोलने के लिए आप किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस जा सकते हैं. वहां आपको अकाउंट खोलने के लिए एक फॉर्म फिल करना होगा. इसके साथ ही बच्चे का आधार कार्ड जन्म प्रमाण पत्र, माता/पिता का आधार कार्ड, माता/पिता की केवाईसी आदि जमा करना होगा.
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड में निवेश करने पर माता पिता को इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत 1.5 लाख तक के निवेश पर इनकम टैक्स छूट का लाभ मिलता है.