प्रीमियम पेट्रोल या रेगुलर पेट्रोल... आपकी गाड़ी के इंजन के लिए कौन सा रहेगा बेस्ट, ऐसे चलेगा पता?
प्रीमियम और रेगुलर पेट्रोल का सबसे बड़ा अंतर ऑक्टेन नंबर है. ऑक्टेन नंबर बताता है कि पेट्रोल इंजन में नॉकिंग या अनचाही आवाज को कितनी अच्छी तरह रोक सकता है. रेगुलर पेट्रोल का ऑक्टेन नंबर आमतौर पर 87 91 होता है. प्रीमियम पेट्रोल का ऑक्टेन नंबर 91 95 या उससे ज्यादा होता है. हाई ऑक्टेन वाला ईंधन इंजन के अंदर समय से पहले दहन को रोकता है और इंजन को ज्यादा दबाव सहने में मदद करता है.
रेगुलर पेट्रोल में बेसिक सफाई वाले एजेंट होते हैं. प्रीमियम पेट्रोल में विशेष एडवांस्ड डिटर्जेंट और एडिटिव्स मिलाए जाते हैं. ये एडिटिव्स इंजन के भीतर कार्बन जमाव को रोकते हैं, कीचड़ नहीं बनने देते और फ्यूल इंजेक्टर और वाल्व जैसे जरूरी हिस्सों को लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रखते हैं.
अगर आपकी गाड़ी सामान्य या मध्यम कम्प्रेशन वाले इंजन वाली है तो रेगुलर पेट्रोल पर्याप्त है. अगर आपकी गाड़ी स्पोर्ट्स कार, लग्जरी कार या हाई परफॉरमेंस इंजन वाली है, तो प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल करना फायदेमंद होगा. प्रीमियम पेट्रोल इन इंजनों में बेहतर पिक अप, स्मूथ ड्राइविंग और लंबे समय तक इंजन की सेहत बनाए रखता है.
कुछ लोग मानते हैं कि प्रीमियम पेट्रोल हमेशा ज्यादा माइलेज देता है. सच यह है कि यह इंजन के प्रकार पर निर्भर करता है. हाई ऑक्टेन इंजन में प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल करने से न सिर्फ माइलेज में सुधार हो सकता है, बल्कि इंजन की परफॉरमेंस भी बढ़ती है.
प्रीमियम पेट्रोल की कीमत रेगुलर पेट्रोल से ज्यादा होती है. इसका कारण है ज्यादा ऑक्टेन बनाने की प्रक्रिया और एडवांस्ड एडिटिव्स, हाल ही में प्रीमियम पेट्रोल के दाम लगभग 2.09 प्रति लीटर बढ़कर 113.77 हो गए हैं. आम जनता के लिए राहत की बात है कि सामान्य पेट्रोल की कीमत स्थिर रखी गई है.
तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़ाने का फैसला मुख्य रूप से मध्य पूर्व में चल रहे भू राजनीतिक तनाव और वैश्विक ईंधन आपूर्ति पर असर के कारण लिया है. इसका असर उन लोगों की जेब पर पड़ेगा जो अपनी गाड़ी के इंजन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रीमियम ईंधन का इस्तेमाल करते हैं. सरकार और कंपनियां सामान्य पेट्रोल की कीमत स्थिर रखकर आम आदमी के रोजमर्रा के खर्च को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं.